काठमांडू। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह के संसद में काला चश्मा पहनकर आने का मामला अब मेडिकल रिपोर्ट तक पहुंच गया है। प्रतिनिधिसभा में काला चश्मा पहनने पर रोक के निर्देश के बाद प्रधानमंत्री शाह की ओर से संघीय संसद सचिवालय को स्वास्थ्य परीक्षण रिपोर्ट के साथ लिखित अनुरोध भेजा गया है। इसमें स्वास्थ्य कारणों से काला चश्मा पहनना जरूरी बताया गया है।
संसद सचिवालय के सहसचिव एवं प्रवक्ता एकराम गिरी ने प्रधानमंत्री की स्वास्थ्य परीक्षण रिपोर्ट सहित पत्र प्राप्त होने की पुष्टि की है। इससे पहले प्रतिनिधिसभा के स्पीकर डोलप्रसाद अर्याल ने प्रमुख सचेतकों और सचेतकों के माध्यम से सांसदों को सदन में काला चश्मा नहीं पहनने का निर्देश दिया था।
दरअसल, प्रधानमंत्री शाह के सदन में लगातार काला चश्मा पहनकर पहुंचने को लेकर कुछ सांसदों ने आपत्ति जताई थी। इसे संसद की गरिमा और मर्यादा से जोड़ते हुए आलोचना भी हुई। इसके बाद स्पीकर ने सभी दलों के प्रमुख सचेतकों के साथ बैठक की और सांसदों तथा मंत्रियों के सदन में काला चश्मा पहनकर आने पर प्रतिबंध की व्यवस्था लागू करने की बात कही।
हालांकि, निर्देश में स्वास्थ्य संबंधी जरूरत वाले सांसदों के लिए छूट का प्रावधान रखा गया है। इसके तहत संबंधित सांसद को काला चश्मा पहनने की चिकित्सकीय आवश्यकता साबित करने के लिए स्वास्थ्य परीक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। प्रधानमंत्री शाह ने इसी प्रावधान के तहत अपनी मेडिकल रिपोर्ट संसद सचिवालय को भेजी है।
बुधवार को नेपाल की प्रतिनिधिसभा में प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह के साथ प्रत्यक्ष प्रश्नोत्तर कार्यक्रम भी प्रस्तावित है। इस दौरान 11 सांसद प्रधानमंत्री से सीधे सवाल पूछेंगे। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि शाह इस कार्यक्रम में किस तरह सदन में उपस्थित होते हैं।
बालेन्द्र शाह पहले भी संसद की कार्यवाही के दौरान काला चश्मा पहने नजर आते रहे हैं। शपथ ग्रहण से लेकर पदभार संभालने और विदेशी कूटनीतिज्ञों से मुलाकात जैसे विभिन्न मौकों पर भी उनका काला चश्मा चर्चा का विषय रहा है। अब मेडिकल रिपोर्ट के बाद इस मामले में आगे संसद सचिवालय का रुख महत्वपूर्ण माना जा रहा है।