गुवाहाटी। असम में बाढ़ का पानी कई इलाकों में घटने लगा है और हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं। हालांकि शिवसागर, कछार, गोलाघाट, जोरहाट और नगांव जिलों में बाढ़ का असर अभी भी बना हुआ है। इन पांच जिलों के 91 गांवों में करीब 19,210 लोग अब भी बाढ़ से प्रभावित हैं। प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं।
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के ताजा आंकड़ों के अनुसार राज्य की सभी प्रमुख नदियां फिलहाल खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं। इसके बावजूद बाढ़ की स्थिति पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। इस वर्ष बाढ़ और इससे जुड़ी घटनाओं में अब तक 106 लोगों की मौत हो चुकी है। वर्तमान में पांच जिलों के 10 राजस्व मंडलों में बाढ़ का प्रभाव है। बाढ़ के कारण 3,109.39 हेक्टेयर कृषि भूमि पानी में डूबी हुई है।
प्रभावित लोगों की सहायता के लिए सरकार ने पांच राहत शिविर और 11 राहत वितरण केंद्र समेत कुल 16 केंद्र सक्रिय रखे हैं। राहत शिविरों में 159 लोग शरण लिए हुए हैं, जबकि 12,505 गैर-शिविर निवासी राहत वितरण केंद्रों के माध्यम से आवश्यक सामग्री प्राप्त कर रहे हैं। बाढ़ से बड़ी संख्या में पशु भी प्रभावित हुए हैं। सोमवार तक प्रभावित पशुओं की संख्या 17,648 दर्ज की गई।
बाढ़ से संपत्तियों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। 24 अगस्त तक शिवसागर जिले में 175 कच्चे मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि 20 पक्के मकान पूरी तरह नष्ट हुए। इसके अलावा 298 कच्चे मकानों और 194 पक्के मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। जिले में 25 अन्य झोपड़ियां और 145 मवेशी शेड भी क्षतिग्रस्त हुए हैं।
सरकार की ओर से प्रभावित परिवारों के बीच 212.788 क्विंटल चावल, 37.506 क्विंटल दाल, 11.2458 क्विंटल नमक और 102.69 लीटर सरसों तेल वितरित किया गया है। साथ ही सड़क, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान का आकलन जारी है। राज्य सरकार के विभिन्न विभाग स्थिति की लगातार समीक्षा कर राहत और पुनर्वास के लिए जरूरी कदम उठा रहे हैं।