देहरादून। उत्तराखंड के चमोली जिले में निर्माणाधीन सुरंग में हुए हादसे के पांच दिन बाद मंगलवार को रेस्क्यू टीम को बड़ी सफलता मिली। टीएचडीसी की विष्णुगाड़–पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की सुरंग से एक और श्रमिक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। उसे तत्काल जिला चिकित्सालय गोपेश्वर भेजा गया, जहां उसका उपचार किया जा रहा है। अब हादसे के बाद एक श्रमिक की तलाश बाकी है।
मायापुर क्षेत्र में 13 अगस्त को हुए इस हादसे के बाद से एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें लगातार बचाव अभियान में जुटी हैं। सुरंग के भीतर चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद रेस्क्यू ऑपरेशन को लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है।
अधिकारियों के मुताबिक, मंगलवार को बचाव दल ने सुरंग के अंदर अभियान चलाते हुए एक श्रमिक को खोज निकाला और उसे सुरक्षित बाहर निकाला। बाहर लाने के बाद उसकी चिकित्सकीय जांच और उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। इसके साथ ही टीमों ने अब अपना पूरा ध्यान सुरंग में फंसे एक अन्य लापता श्रमिक को तलाशने पर केंद्रित कर दिया है।
रेस्क्यू अभियान के दौरान सुरंग में जमा मलबे और कीचड़ को हटाना सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। इसके अलावा अंदर जमा पानी की निकासी का काम भी लगातार जारी है। पानी निकालने के लिए सक्शन पंप और अन्य आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है। बचाव दल संभावित स्थानों पर सावधानीपूर्वक तलाशी ले रहा है, ताकि लापता श्रमिक तक पहुंचा जा सके।
जिला प्रशासन ने बताया कि बचाव अभियान को गति देने के लिए मौके पर आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार लापता श्रमिक की तलाश सर्वोच्च प्राथमिकता है और अभियान में किसी तरह की कमी नहीं रखी जा रही है।
उल्लेखनीय है कि हादसे में अब तक आठ लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 12 श्रमिक घायल हुए थे। सभी घायलों को सुरंग से बाहर निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हादसे के बाद से ही राहत और बचाव दल लगातार सुरंग के अंदर अभियान चला रहे हैं।
मंगलवार को एक और श्रमिक के सुरक्षित बाहर निकलने से रेस्क्यू टीम और परिजनों को राहत मिली है। अब अभियान की सबसे बड़ी चुनौती अंतिम लापता श्रमिक तक पहुंचना है।