उत्तरकाशी में बारिश का कहर, धंसते हाईवे और उफनती नदियों ने बढ़ाई चिंता

उत्तरकाशी। उत्तरकाशी जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। जगह-जगह भूस्खलन, दरकती चट्टानें, उफनती नदियां और गाड़-गदेरे लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गए हैं। हालात ऐसे हैं कि प्रशासन के सामने एक ओर चारधाम और कांवड़ यात्रा को सुरक्षित बनाए रखने की चुनौती है, तो दूसरी ओर लगातार बिगड़ती प्राकृतिक परिस्थितियों से निपटना भी बड़ी परीक्षा बन गया है। बढ़ते खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।

बारिश के कारण गंगोत्री और यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग सहित जिले के कई प्रमुख और लिंक मोटर मार्गों पर लगातार भूस्खलन हो रहा है। सबसे गंभीर स्थिति गंगोत्री हाईवे पर भटवाड़ी के पास पापड़ गाड़ क्षेत्र में बनी हुई है, जहां सड़क का लगभग 70 मीटर हिस्सा लगातार धंस रहा है। सड़क को चालू रखने के लिए सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने कई जेसीबी मशीनें तैनात कर मरम्मत कार्य शुरू किया है, लेकिन लगातार बारिश राहत कार्य में बाधा बन रही है।

इस बीच कांवड़ यात्रा के कारण गंगोत्री मार्ग पर श्रद्धालुओं का दबाव लगातार बढ़ रहा है। प्रतिदिन हजारों कांवड़िए गंगाजल लेने के लिए गंगोत्री और गौमुख की ओर जा रहे हैं। धंसते हाईवे के कारण वाहन चालकों और पैदल यात्रियों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है। पुलिस और प्रशासन के लिए श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना बड़ी चुनौती बन गया है।

यमुनोत्री हाईवे पर भी कई स्थानों पर भूस्खलन से मार्ग बार-बार बाधित हो रहा है। वहीं भागीरथी, यमुना और अन्य नदी-नालों के उफान पर आने से पुरोला, मोरी, स्याना चट्टी सहित कई क्षेत्रों में जलभराव और खतरे की स्थिति बनी हुई है। कई ग्रामीण संपर्क मार्ग भी बंद हैं, जिससे लोगों का आवागमन प्रभावित हुआ है।

भाजपा के वरिष्ठ नेता जगमोहन सिंह रावत ने पापड़ गाड़ क्षेत्र में भागीरथी नदी के कटाव से धंस रहे गंगोत्री हाईवे के स्थायी समाधान की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा कार्य नहीं किए गए तो आसपास के भवनों पर भी खतरा मंडरा सकता है। उन्होंने इस मुद्दे को मुख्यमंत्री के समक्ष उठाने की बात भी कही है।

 

Leave A Reply

Your email address will not be published.