नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र में 20 जुलाई को प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए कथित पुलिस लाठीचार्ज का मामला लगातार गरमाता जा रहा है। गुरुवार को राज्यसभा में इस मुद्दे पर विपक्ष ने केंद्र सरकार पर दबाव और बढ़ा दिया। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के राज्यसभा सांसद पी. संतोष कुमार ने इसे पूरे विपक्ष की महत्वपूर्ण जीत बताते हुए कहा कि राज्यसभा के सभापति ने संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू को विपक्ष की मांग केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तक पहुंचाने का निर्देश दिया है। विपक्ष की मांग है कि गृह मंत्री स्वयं सदन में उपस्थित होकर इस पूरे घटनाक्रम पर सरकार का आधिकारिक पक्ष रखें।
मीडिया से बातचीत में सांसद पी. संतोष कुमार ने कहा कि विपक्ष शुरुआत से ही इस मामले में सरकार से जवाब मांग रहा है। उनका कहना था कि छात्रों पर पुलिस कार्रवाई जैसे गंभीर मुद्दे पर सरकार की चुप्पी उचित नहीं है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभापति के हस्तक्षेप के बाद गृह मंत्री सदन में आकर स्थिति स्पष्ट करेंगे। संतोष कुमार ने यह भी कहा कि विपक्ष का उद्देश्य संसद की कार्यवाही बाधित करना नहीं, बल्कि सरकार से जवाबदेही सुनिश्चित करना है।
इधर, कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी सरकार से आग्रह किया कि अमित शाह सदन में आकर 20 जुलाई की घटना पर स्पष्ट बयान दें। उन्होंने कहा कि राज्यसभा के सभापति ने स्वयं संसदीय कार्य मंत्री को गृह मंत्री तक विपक्ष की मांग पहुंचाने के निर्देश दिए हैं, इसलिए अब सरकार को इस पर सकारात्मक कदम उठाना चाहिए।
खड़गे ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विपक्ष द्वारा उठाए गए गंभीर सवालों का जवाब देना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कोई असाधारण या अनुचित मांग नहीं है, बल्कि संसद की परंपरा और जवाबदेही का हिस्सा है। उन्होंने यह भी कहा कि संसदीय कार्य मंत्री केवल संदेश पहुंचा सकते हैं, जबकि अंतिम निर्णय गृह मंत्री और केंद्र सरकार को ही लेना होगा।
अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या गृह मंत्री अमित शाह राज्यसभा में उपस्थित होकर विपक्ष के सवालों का जवाब देंगे या सरकार इस मुद्दे पर कोई अन्य रणनीति अपनाएगी।