मुंबई। भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की फिटनेस एक बार फिर चर्चा में है। लगातार चोट और वर्कलोड मैनेजमेंट के कारण बुमराह की टीम में उपलब्धता पर सवाल उठते रहे हैं। अब 2027 में होने वाले वनडे विश्व कप को देखते हुए उनकी फिटनेस टीम प्रबंधन के लिए बड़ी चिंता बनती नजर आ रही है।
आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 970 दिनों में बुमराह भारतीय टीम की ओर से केवल तीन वनडे मुकाबले खेल पाए हैं। इस दौरान भारत ने कुल 29 वनडे मैच खेले, यानी बुमराह 26 मुकाबलों में टीम का हिस्सा नहीं रहे। 2023 वनडे विश्व कप फाइनल के बाद लंबे समय तक वह इस प्रारूप से दूर रहे और 2026 में इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में उनकी वापसी हुई। उन्होंने शुरुआती दो मुकाबले खेले, लेकिन घुटने की चोट के कारण तीसरे वनडे से बाहर होना पड़ा। (NewsBytes)
बुमराह की अनूठी गेंदबाजी शैली, तेज गति और सटीक यॉर्कर उन्हें दुनिया के सबसे प्रभावी तेज गेंदबाजों में शामिल करती है। हालांकि, उनका एक्शन और लगातार तीनों प्रारूपों में खेलने का दबाव फिटनेस के लिहाज से चुनौतीपूर्ण रहा है। बीसीसीआई की ओर से उनके वर्कलोड को नियंत्रित करने पर लगातार जोर दिया जा रहा है, लेकिन चोटों के कारण उनकी उपलब्धता अभी भी चिंता का विषय बनी हुई है।
ताजा स्थिति में बुमराह को श्रीलंका के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज से भी बाहर कर दिया गया है। इंग्लैंड दौरे के दौरान लगी बाएं घुटने की चोट से वह पूरी तरह उबर नहीं पाए और फिटनेस टेस्ट में भी सफल नहीं हो सके। (Reuters)
वनडे के अलावा टेस्ट और टी-20 क्रिकेट में भी बुमराह को समय-समय पर चोट और वर्कलोड मैनेजमेंट के कारण आराम दिया गया है। ऐसे में टीम प्रबंधन के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह होगी कि बुमराह को पर्याप्त मैच अभ्यास भी मिले और उनकी फिटनेस भी बनी रहे।
2027 वनडे विश्व कप अभी दूर है, इसलिए भारतीय टीम संभवतः बुमराह की वापसी को लेकर जल्दबाजी नहीं करना चाहेगी। उनके लिए फिलहाल पूरी तरह फिट होकर मैदान पर लौटना प्राथमिकता है। बुमराह की फिटनेस और वनडे में नियमित उपलब्धता आने वाले समय में भारत की विश्व कप तैयारियों का अहम हिस्सा होगी।