अमेरिका-ईरान बातचीत की उम्मीद से सस्ता हुआ कच्चा तेल, कीमतों में 5% की गिरावट

नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की संभावनाएं बढ़ने के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव देखने को मिला है। बुधवार को ब्रेंट क्रूड और अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) दोनों की कीमतों में करीब 5 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। गिरावट के बाद दोनों बेंचमार्क 13 जुलाई के बाद के सबसे निचले स्तर के आसपास पहुंच गए।

कारोबारी सत्र के दौरान ब्रेंट क्रूड की कीमत 5 प्रतिशत तक गिरकर 80 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से नीचे चली गई। वहीं अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 5 प्रतिशत से अधिक फिसलकर करीब 75 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया। बाद में कीमतों में कुछ सुधार देखने को मिला। फिलहाल ब्रेंट क्रूड करीब 78.31 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई करीब 74.42 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता नजर आया।

तेल की कीमतों में इस गिरावट की प्रमुख वजह अमेरिका और ईरान के बीच संभावित बातचीत को माना जा रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि ईरान और ओमान के साथ बातचीत में अच्छी प्रगति हुई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही दोबारा शुरू हो सकती है।

अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने भी संकेत दिया कि अगले एक-दो दिनों में इस दिशा में समझौता हो सकता है। अगर ऐसा होता है तो क्षेत्र से तेल की आपूर्ति सामान्य होने की संभावना बढ़ जाएगी। इससे वैश्विक बाजार में सप्लाई को लेकर बनी चिंता कम हो सकती है और कच्चे तेल की कीमतों पर आगे भी दबाव देखने को मिल सकता है।

हालांकि, ईरान ने अमेरिका के साथ सीधे बातचीत की बात से इनकार किया है। ईरान का कहना है कि बातचीत ओमान के माध्यम से हो रही है। साथ ही, जहाजों की आवाजाही को सुचारु बनाने के लिए नए तंत्र को लेकर चर्चा सकारात्मक रही है।

इधर, कतर भी अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम कराने की कोशिशों में जुटा है। फिलहाल दोनों देशों के बीच सीधे संवाद को लेकर कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। बाजार की नजर अब संभावित समझौते और होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही पर टिकी है।

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