नई दिल्ली। केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने मंगलवार को विश्व जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप 2026 में शानदार प्रदर्शन करने वाले भारतीय खिलाड़ियों को सम्मानित किया। सम्मान समारोह में महिला एकल का स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचने वाली अनाहत सिंह के साथ कांस्य पदक हासिल करने वाली भारतीय जूनियर पुरुष टीम के सदस्य आर्यवीर देवान, युशा नफीस और गुरवीर सिंह भी शामिल रहे।
कनाडा में पिछले सप्ताह आयोजित विश्व जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप में 18 वर्षीय अनाहत सिंह ने महिला एकल का खिताब अपने नाम किया। इसके साथ ही वह इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में महिला एकल का विश्व जूनियर खिताब जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गईं। अनाहत का इस प्रतियोगिता में यह पांचवां अभियान था। इससे पहले वह 2025 में काहिरा में आयोजित विश्व जूनियर चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीत चुकी हैं।
सम्मान समारोह के दौरान खेल मंत्री मंडाविया ने खिलाड़ियों से बातचीत की और उनकी उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने खिलाड़ियों को सलाह दी कि वे हालिया सफलता को अपने करियर की मंजिल न मानें, बल्कि इसे लंबे और बड़े सफर की शुरुआत समझें। उन्होंने कहा कि अब भारतीय खिलाड़ियों का ध्यान एशियाई खेल 2026 और लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों पर होना चाहिए।
मंडाविया ने अनाहत सिंह की ऐतिहासिक उपलब्धि की विशेष रूप से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि विश्व जूनियर चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतना देश के लिए गौरव की बात है। अनाहत की सफलता से भारत के लाखों युवाओं को स्क्वैश जैसे खेल को अपनाने और उसमें करियर बनाने की प्रेरणा मिलेगी।
कार्यक्रम के दौरान अनाहत सिंह ने खेल मंत्री को अपने हस्ताक्षर वाला स्क्वैश रैकेट और स्क्वैश बॉल भेंट की। इसके बाद खिलाड़ियों ने मंत्री के साथ सेल्फी ली और खेल से जुड़े विषयों पर अनौपचारिक बातचीत भी की।
समारोह का माहौल खिलाड़ियों की उपलब्धियों और भविष्य की उम्मीदों से भरा रहा। भारतीय स्क्वैश के लिए अनाहत का स्वर्ण और जूनियर पुरुष टीम का कांस्य पदक आने वाले समय में नई प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने वाला साबित हो सकता है।