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RBI की MPC बैठक से तय होगी बाजार की चाल, इन संकेतकों पर रहेगी नजर

मुंबई। पिछले सप्ताह भारतीय शेयर बाजार में करीब 3 फीसदी की मजबूत तेजी के बाद अब निवेशकों की नजर इस सप्ताह होने वाली भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक पर टिक गई है। MPC के फैसले 5 अगस्त को घोषित किए जाएंगे। इसके अलावा वैश्विक तनाव, कच्चे तेल की कीमतें, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और कंपनियों के तिमाही नतीजे बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक RBI का रुख इस सप्ताह निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण संकेतक रहेगा। केंद्रीय बैंक की ओर से ब्याज दरों और मौद्रिक नीति को लेकर किसी भी संकेत का असर बैंकिंग और ब्याज दर से जुड़े सेक्टरों पर देखने को मिल सकता है। निवेशक यह भी देखेंगे कि महंगाई और आर्थिक विकास को लेकर RBI का आकलन क्या रहता है।

दूसरी ओर, मध्य-पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव भी बाजार की चिंता बढ़ा रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव में किसी तरह की कमी आने पर वैश्विक बाजारों को राहत मिल सकती है। हालांकि, स्ट्रैट ऑफ होर्मुज में जहाजों पर हमले की खबरों के कारण कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव बना हुआ है।

शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड की कीमतों में तेजी दर्ज की गई। जुलाई में कच्चे तेल ने मार्च के बाद अपनी सबसे बड़ी मासिक बढ़त दर्ज की। तेल की कीमतों में लगातार तेजी भारत जैसे बड़े आयातक देश के लिए महंगाई और व्यापार घाटे को प्रभावित कर सकती है।

विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII की गतिविधियां भी बाजार के लिए महत्वपूर्ण रहेंगी। लगातार बिकवाली के बाद पिछले तीन कारोबारी सत्रों में FII शुद्ध खरीदार बने हैं। खासकर मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में उनकी दिलचस्पी बढ़ी है।

इसके अलावा वैश्विक टेक्नोलॉजी शेयरों का प्रदर्शन भी भारतीय बाजार को प्रभावित कर सकता है। माइक्रोसॉफ्ट और अमेजन के मजबूत तिमाही नतीजों से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।

घरेलू स्तर पर अप्रैल-जून तिमाही के नतीजों का दौर जारी रहेगा। इस सप्ताह 573 कंपनियां वित्तीय नतीजे घोषित करेंगी। इनमें SBI, भारती एयरटेल और टाइटन जैसी प्रमुख कंपनियां शामिल हैं। इनके नतीजे और प्रबंधन की भविष्य की रणनीति बाजार की धारणा को प्रभावित कर सकती है।

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