तेहरान/वाशिंगटन। (Major blast in Hormuz; oil tanker hits a sea mine; will US-Iran tensions rise again} मध्य पूर्व में पिछले कुछ दिनों से अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव में कमी जरूर आई है, लेकिन क्षेत्र में तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। होर्मुज जलडमरूमध्य में एक तेल टैंकर के बारूदी सुरंग से टकराने के बाद हुए जोरदार विस्फोट ने हालात को फिर से संवेदनशील बना दिया है। यह घटना ऐसे समय हुई है, जब दोनों देशों ने फिलहाल अपने सैन्य हमले रोक रखे हैं और कूटनीतिक प्रयासों के जरिए तनाव कम करने की कोशिशें जारी हैं।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की कोशिश कर रहा एक तेल टैंकर बारूदी सुरंग की चपेट में आ गया, जिससे उसमें तेज धमाका हुआ। ईरानी अधिकारियों का दावा है कि टैंकर ने उनके निर्देशों की अनदेखी करते हुए आगे बढ़ने की कोशिश की थी। दो दिनों की अपेक्षाकृत शांति के बाद हुई इस घटना ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा और वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सेना के पास गोला-बारूद की कमी संबंधी खबरों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। वहीं, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि अमेरिका पहले भी बातचीत से पीछे हट चुका है, लेकिन इसके बावजूद दोनों देशों के बीच विभिन्न मध्यस्थों के माध्यम से संदेशों का आदान-प्रदान जारी है।
संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के राजदूत माइक वाल्ट्ज ने कहा कि ईरानी सैन्य ठिकानों पर लगातार 13 रात तक हमले किए जाने के बाद ट्रंप प्रशासन ने कूटनीतिक प्रयासों को मौका देने के लिए फिलहाल सैन्य कार्रवाई रोकने का निर्णय लिया है। दूसरी ओर, पाकिस्तान, कतर और मध्य पूर्व के कई अन्य देश दोनों पक्षों को दोबारा वार्ता की मेज पर लाने की कोशिश कर रहे हैं।
ईरानी सेना ने भी अमेरिका के सहयोगी देशों पर अपने जवाबी हमले फिलहाल रोकने की पुष्टि की है। इसी बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एआई से तैयार कुछ तस्वीरें साझा कीं, जिनमें अमेरिका की सैन्य शक्ति को प्रदर्शित करते हुए उसे “दुनिया का रक्षक” बताया गया है। हालांकि हमले थमने से राहत जरूर मिली है, लेकिन होर्मुज में हुआ ताजा विस्फोट इस बात का संकेत है कि क्षेत्र में हालात अभी भी बेहद नाजुक बने हुए हैं।