ईरान युद्ध के आंकड़ों पर पेंटागन की बड़ी गलती! आलोचना के बाद सामने आई पूरी सच्चाई

वाशिंगटन। (Pentagon’s major error regarding Iran war figures! Full truth revealed after criticism.) ईरान के साथ जारी युद्ध के दौरान अमेरिकी सैनिकों के हताहत होने के आंकड़ों को लेकर पेंटागन एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गया है। मीडिया और सांसदों की तीखी आलोचना के बाद अमेरिकी रक्षा मुख्यालय ने अपने आधिकारिक डिफेंस कैजुअल्टी एनालिसिस सिस्टम (डीसीएएस) के डेटाबेस को अपडेट किया है। नए आंकड़ों के अनुसार, 28 फरवरी से शुरू हुए ईरान युद्ध में अब तक 18 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो चुकी है, जबकि 624 सैनिक घायल हुए हैं।

ताजा अपडेट में पेंटागन ने डेटाबेस में 140 अतिरिक्त घायल सैनिकों और पिछले सप्ताह ईरानी हमलों में जान गंवाने वाले चार सैनिकों के नाम शामिल किए हैं। इन नए आंकड़ों के सामने आने के बाद युद्ध में अमेरिकी सैनिकों के वास्तविक नुकसान को लेकर बहस और तेज हो गई है। साथ ही पेंटागन की पारदर्शिता पर भी सवाल उठने लगे हैं।

सीएनएन और सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, पेंटागन ने पहली बार डिफेंस कैजुअल्टी एनालिसिस सिस्टम में “ओवरसीज ऑपरेशन्स” नाम से नई ट्रैकिंग श्रेणी जोड़ी है, ताकि विदेशों में चल रहे सैन्य अभियानों में होने वाले हताहतों का अलग से रिकॉर्ड रखा जा सके। इससे पहले वेबसाइट पर उपलब्ध आंकड़ों में कई विसंगतियां सामने आई थीं।

इस मामले ने तब राजनीतिक रूप ले लिया जब अमेरिकी सीनेट की आर्म्ड सर्विसेज कमेटी के 12 डेमोक्रेटिक सांसदों ने रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को पत्र लिखकर हताहत सैनिकों के सही आंकड़े सार्वजनिक करने और डेटा में हुई गड़बड़ी पर स्पष्टीकरण देने की मांग की।

रक्षा विभाग के कार्यवाहक प्रेस सचिव जोएल वाल्डेज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सफाई देते हुए कहा कि वेबसाइट पर अस्थायी तकनीकी समस्या के कारण सही आंकड़े प्रदर्शित नहीं हो सके थे। वहीं पेंटागन के मुख्य प्रवक्ता शॉन पार्नेल ने भी बयान जारी कर कहा कि डेटा व्यवधान के चलते यह स्थिति बनी और इसमें किसी प्रकार की जानकारी छिपाने का उद्देश्य नहीं था। उन्होंने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाने वाले न्यूयॉर्क टाइम्स की आलोचना भी की।

हालांकि, डेटाबेस अपडेट होने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि ईरान युद्ध में अमेरिकी सैनिकों के नुकसान के आधिकारिक आंकड़े पहले की तुलना में कहीं अधिक हैं। ऐसे में पेंटागन की जवाबदेही और युद्ध संबंधी सूचनाओं की पारदर्शिता को लेकर बहस लगातार तेज होती जा रही है।

 

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