धान बेचने से पहले किसानों के लिए जरूरी खबर

खरीफ विपणन सत्र 2026-27 के तहत उत्तराखंड में धान खरीद की तैयारियां शुरू हो गई हैं। राज्य में धान की सरकारी खरीद 1 अक्तूबर 2026 से शुरू होगी। इस बार किसानों के लिए भारत खरीद मोबाइल ऐप पर पंजीकरण कराना अनिवार्य किया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना पंजीकरण के किसी भी किसान का धान सरकारी खरीद केंद्रों पर नहीं खरीदा जाएगा।

संभागीय विपणन अधिकारी, कुमाऊं संभाग की ओर से जारी सूचना में ऊधम सिंह नगर, नैनीताल और चम्पावत जनपद के किसानों से समय रहते पंजीकरण कराने की अपील की गई है। विभाग का कहना है कि समय पर पंजीकरण कराने से धान खरीद के दौरान किसानों को किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

किसान अपने नजदीकी वरिष्ठ विपणन अधिकारी कार्यालय के अलावा वीएमएफ, वीएसएस, यूसीएफ, उपभोक्ता सहकारी समितियों तथा अधिकृत किसान एजेंटों के माध्यम से भी पंजीकरण करा सकते हैं। विभाग ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे गांव-गांव तक किसानों को इस प्रक्रिया की जानकारी पहुंचाएं और अधिक से अधिक किसानों का पंजीकरण सुनिश्चित करें।

इसके साथ ही सभी धान खरीद केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूरी करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं, ताकि खरीद सत्र शुरू होने पर किसानों को लंबी प्रतीक्षा या अन्य असुविधाओं का सामना न करना पड़े। विभाग का उद्देश्य पूरी खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी, व्यवस्थित और डिजिटल बनाना है।

पंजीकरण के लिए किसानों को कुछ आवश्यक दस्तावेज साथ रखने होंगे। इनमें आधार कार्ड, आधार से लिंक पंजीकृत मोबाइल नंबर, पटवारी द्वारा सत्यापित कृषि रकबे का विवरण तथा बैंक पासबुक शामिल हैं। विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे सभी दस्तावेज पहले से तैयार रखें और अंतिम समय की भीड़ से बचने के लिए जल्द से जल्द पंजीकरण प्रक्रिया पूरी कर लें।

सरकार का मानना है कि डिजिटल पंजीकरण व्यवस्था से धान खरीद प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी और किसानों को भुगतान सहित अन्य सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जा सकेंगी।

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