उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने कहा कि नई शिक्षा नीति का उद्देश्य केवल आधुनिक शिक्षा देना नहीं, बल्कि युवाओं को नैतिक मूल्यों और मजबूत चरित्र से भी जोड़ना है। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और नई तकनीकों के इस दौर में नैतिक शिक्षा, अनुशासन और चरित्र निर्माण पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गए हैं।
शनिवार को लोक भवन में राष्ट्रीय सैनिक संस्था द्वारा आयोजित ‘नई शिक्षा नीति में नैतिक शिक्षा’ विषयक संगोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए राज्यपाल ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले संस्था के सदस्यों को सम्मानित भी किया। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत और भारत को विश्व गुरु बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए केवल तकनीकी रूप से दक्ष नहीं, बल्कि संस्कारवान और जिम्मेदार युवाओं की आवश्यकता है।
राज्यपाल ने भारतीय ज्ञान परंपरा, वेद, उपनिषद और ऋषि-मुनियों की शिक्षाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सत्य, ईमानदारी, निष्ठा, आत्मानुशासन और सेवा जैसे जीवन मूल्य राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव हैं। उन्होंने कहा कि नैतिक शिक्षा केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उसे व्यवहार और जीवनशैली का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। उनका मानना है कि नैतिकता उपदेशों से नहीं, बल्कि अच्छे उदाहरणों से विकसित होती है।
उन्होंने राष्ट्रीय सैनिक संस्था और पूर्व सैनिकों से आह्वान किया कि वे विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में जाकर विद्यार्थियों को राष्ट्रभक्ति, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और सेवा भावना के लिए प्रेरित करें। राज्यपाल ने कहा कि पूर्व सैनिकों के अनुभव युवा पीढ़ी के व्यक्तित्व विकास और नैतिक शिक्षा को मजबूत बनाने में बेहद उपयोगी साबित हो सकते हैं।
राज्यपाल ने राष्ट्रीय सैनिक संस्था की सराहना करते हुए कहा कि संस्था राष्ट्रभक्ति, अनुशासन, चरित्र निर्माण और सामाजिक मूल्यों के संवर्धन के लिए सराहनीय कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि ऐसे आयोजन युवाओं में राष्ट्रीय दायित्वों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
कार्यक्रम में परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती, राष्ट्रीय सैनिक संस्था के अध्यक्ष कर्नल टी.पी. त्यागी, लेफ्टिनेंट जनरल अश्विनी बक्शी, मेजर जनरल जी.के. थपलियाल सहित अनेक पूर्व सैनिक, शिक्षाविद् और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।