भारतीय कमोडिटी डेरिवेटिव बाजार में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म ग्रो (Groww) ने लंबे समय से इस क्षेत्र में अग्रणी रहे एंजेल वन (Angel One) को पीछे छोड़ते हुए कमोडिटी कारोबार में पहला स्थान हासिल कर लिया है। वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही के आंकड़ों के अनुसार, ग्रो ने नोशनल एवरेज डेली टर्नओवर (NADT) के मामले में एंजेल वन को पीछे छोड़ दिया है।
आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल से जून 2026 की तिमाही में ग्रो का औसत दैनिक नोशनल कारोबार 2.43 लाख करोड़ रुपये रहा, जबकि एंजेल वन का टर्नओवर 2.37 लाख करोड़ रुपये दर्ज किया गया। नोशनल एवरेज डेली टर्नओवर किसी प्लेटफॉर्म पर एक दिन में हुए कुल सौदों की औसत वैल्यू को दर्शाता है और यह बाजार में उसकी सक्रियता का अहम पैमाना माना जाता है।
दिलचस्प बात यह है कि ग्रो ने कमोडिटी ट्रेडिंग की शुरुआत जुलाई 2025 में केवल चुनिंदा ग्राहकों के लिए की थी। सितंबर 2025 में यह सेवा सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध करा दी गई। महज एक वर्ष के भीतर कंपनी ने इस सेगमेंट में शीर्ष स्थान हासिल कर उद्योग जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।
कंपनी की इस सफलता के पीछे ग्राहकों की तेजी से बढ़ती संख्या को प्रमुख कारण माना जा रहा है। वित्त वर्ष 2026 की शुरुआत में जहां कमोडिटी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर लगभग 27 हजार ग्राहक थे, वहीं जून 2026 तक यह संख्या बढ़कर 4.35 लाख पहुंच गई। पहली तिमाही में ग्रो की बाजार हिस्सेदारी 28.6 प्रतिशत रही, जबकि एंजेल वन की हिस्सेदारी 26.5 प्रतिशत दर्ज की गई। जेरोधा लगभग 12 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ तीसरे स्थान पर रहा।
कमोडिटी कारोबार का सकारात्मक असर कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन पर भी दिखाई दिया। ग्रो की पैरेंट कंपनी बिलियनब्रेंस गैराज वेंचर्स ने जून 2026 तिमाही में 735 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 94 प्रतिशत अधिक है। कंपनी का कहना है कि वह कमोडिटी, म्यूचुअल फंड, मार्जिन ट्रेडिंग और लोन जैसी सेवाओं का विस्तार कर खुद को एक व्यापक वित्तीय सेवा मंच के रूप में विकसित कर रही है।