घरेलू वायदा बाजार (एमसीएक्स) में गुरुवार को सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। कारोबारी सत्र के दौरान सोना 540 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 924 रुपये प्रति किलोग्राम तक सस्ती हो गई। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर बढ़ी आशंकाओं और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर कीमती धातुओं की कीमतों पर साफ दिखाई दिया।
एमसीएक्स पर गिरावट के बाद सोने का भाव 1,41,310 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार करता देखा गया। वहीं चांदी की कीमतों में भी उल्लेखनीय कमजोरी दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने पर दबाव बना रहा, हालांकि चांदी में सीमित तेजी देखने को मिली। इसके बावजूद निवेशकों के बीच अनिश्चितता का माहौल कायम है।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आने की आशंका है। यदि तेल महंगा होता है तो वैश्विक महंगाई बढ़ सकती है, जिससे अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनाए रख सकता है। यही संभावना फिलहाल सोने की कीमतों पर दबाव बना रही है।
कुछ समय पहले अमेरिका में थोक और खुदरा महंगाई के अपेक्षाकृत नरम आंकड़े आने के बाद यह उम्मीद जताई जा रही थी कि फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में बढ़ोतरी नहीं करेगा। हालांकि, मौजूदा भू-राजनीतिक घटनाक्रम ने बाजार की धारणा बदल दी है और निवेशकों का रुख सतर्क हो गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि महंगाई पर नियंत्रण नहीं होता और ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं, तो बिना ब्याज देने वाली संपत्तियों, जैसे सोना, पर दबाव बना रह सकता है। ऐसे में निवेशकों को वैश्विक आर्थिक संकेतकों और केंद्रीय बैंकों की नीतियों पर नजर बनाए रखनी चाहिए, क्योंकि आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।