चेन्नई। तमिलनाडु सरकार ने भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब यदि कोई सरकारी कर्मचारी या अधिकारी किसी काम के बदले रिश्वत मांगता है, तो आम नागरिक सीधे WhatsApp के माध्यम से उसकी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। सरकार ने इसके लिए 9498180936 नंबर जारी किया है, जहां रिश्वत से जुड़ी शिकायतें भेजी जा सकती हैं। इस पहल का उद्देश्य शिकायत प्रक्रिया को आसान बनाना और भ्रष्टाचार के मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
इस संबंध में तमिलनाडु के मुख्य सचिव एम. साई कुमार ने सभी जिला कलेक्टरों, विभागाध्यक्षों और वरिष्ठ अधिकारियों को विस्तृत निर्देश जारी किए हैं। परिपत्र में कहा गया है कि हर सरकारी विभाग यह सुनिश्चित करे कि नागरिकों को शिकायत दर्ज कराने की सुविधा की पूरी जानकारी मिले और प्राप्त शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई हो।
सरकार ने सभी सरकारी कार्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर “रिश्वत देना और लेना दोनों अपराध हैं” संदेश वाले जागरूकता बोर्ड अनिवार्य रूप से लगाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही भ्रष्टाचार निरोधक एवं सतर्कता विभाग (DVAC) की शिकायत संबंधी जानकारी भी प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी, ताकि लोग बिना किसी परेशानी के शिकायत दर्ज करा सकें।
सरकार ने माना कि पहले भी ऐसे निर्देश जारी किए गए थे, लेकिन कई कार्यालयों में उनका सही तरीके से पालन नहीं हुआ। इसी वजह से इस बार सभी विभागाध्यक्षों और जिला कलेक्टरों को आदेशों का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करने और इसकी रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
व्हाट्सऐप सेवा के अलावा नागरिक ई-मेल और हेल्पलाइन नंबरों के माध्यम से भी भ्रष्टाचार संबंधी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इच्छुक शिकायतकर्ता भ्रष्टाचार निरोधक एवं सतर्कता विभाग (DVAC) के चेन्नई स्थित कार्यालय में स्वयं जाकर या डाक के जरिए भी अपनी शिकायत सौंप सकते हैं।
सरकार ने जिला कलेक्टर कार्यालयों के निरीक्षण प्रकोष्ठों और निगरानी समितियों को सरकारी कार्यालयों का औचक निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए हैं। सरकार का कहना है कि इन उपायों का मकसद केवल नियम बनाना नहीं, बल्कि उन्हें प्रभावी ढंग से लागू कर पारदर्शी, जवाबदेह और भ्रष्टाचार-मुक्त प्रशासन सुनिश्चित करना है।