उत्तराखंड में शारीरिक व्यायाम शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू करने की मांग को लेकर शारीरिक प्रशिक्षित बेरोजगारों ने रविवार को मुख्यमंत्री आवास कूच किया। बड़ी संख्या में जुटे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हाथीबड़कला के पास बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। इसके बाद सभी अभ्यर्थी वहीं धरने पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शीघ्र भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग उठाई।
प्रदेश अध्यक्ष जगदीश चंद्र पांडे के नेतृत्व में शारीरिक प्रशिक्षित बेरोजगार पहले लैंसडाउन चौक पर एकत्र हुए। यहां से रैली निकालकर वे मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़े, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वर्षों से प्रशिक्षित युवा रोजगार की उम्मीद लगाए बैठे हैं, लेकिन सरकार अब तक शारीरिक शिक्षा शिक्षकों के रिक्त पदों पर भर्ती शुरू नहीं कर सकी है।
धरने को संबोधित करते हुए जगदीश चंद्र पांडे ने कहा कि शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम-2009 और राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) के दिशा-निर्देशों के अनुसार 100 या उससे अधिक छात्र संख्या वाले उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शारीरिक शिक्षा शिक्षक की नियुक्ति का स्पष्ट प्रावधान है। इसके बावजूद उत्तराखंड में इन पदों पर लंबे समय से भर्ती नहीं की गई है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने विद्यालयों में शारीरिक शिक्षा को अनिवार्य विषय बनाया है, लेकिन प्रशिक्षित अभ्यर्थियों को रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जा रहा। उन्होंने सरकार से कैबिनेट में प्रस्ताव लाकर रिक्त पदों पर जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग की।
प्रदर्शन के बाद संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में शारीरिक शिक्षा शिक्षकों के रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति और भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग की गई।
इस दौरान महेश नेगी, रणजीत सिंह, योगी धनपाल सिंह, मीना कार्की, पुष्पा नौटियाल, गिरीश मिश्रा, प्रवीण राजपूत, मेहरबान अली, आलोक शाह, सुरेश ध्यानी, अनिल राज, भुवनेश बिष्ट, सुनील नैनवाल सहित बड़ी संख्या में शारीरिक प्रशिक्षित बेरोजगार मौजूद रहे।