मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने के लिए राज्य सरकार तेजी से काम कर रही है। हरिद्वार स्थित प्रेमनगर आश्रम में पूज्य मोरारी बापू की श्रीराम कथा के समापन समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि देवभूमि की आध्यात्मिक विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए धार्मिक और सांस्कृतिक परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने मोरारी बापू को भारतीय संस्कृति और सनातन दर्शन का सशक्त प्रतिनिधि बताते हुए कहा कि उन्होंने श्रीराम के आदर्शों और जीवन मूल्यों का संदेश दुनिया भर में पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि आज जब दुनिया युद्ध, आतंकवाद और हिंसा जैसी चुनौतियों से जूझ रही है, तब भारत की सनातन संस्कृति का ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ का संदेश पूरी मानवता के लिए मार्गदर्शक है।
सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश सांस्कृतिक पुनर्जागरण के दौर से गुजर रहा है। इसी सोच के अनुरूप उत्तराखंड में केदारखंड-मानसखंड मंदिर माला मिशन, हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर, शारदा कॉरिडोर तथा प्राचीन मंदिरों के संरक्षण और सौंदर्यीकरण जैसे कार्य तेजी से आगे बढ़ाए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष चारधाम यात्रा ने नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। यात्रा शुरू होने के दो महीने के भीतर ही 45 लाख से अधिक श्रद्धालु चारधाम के दर्शन कर चुके हैं। वहीं, हेमकुंड साहिब यात्रा में डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालु मत्था टेक चुके हैं और कैलाश मानसरोवर यात्रा में अब तक 55 हजार से अधिक श्रद्धालु शामिल हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह राज्य में बेहतर सड़क, यात्रा प्रबंधन और श्रद्धालुओं के बढ़ते विश्वास का प्रमाण है।
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2027 में होने वाले महाकुंभ को दिव्य, भव्य और सुरक्षित बनाने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि यह आयोजन केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और भारतीय संस्कृति का महापर्व है। उन्होंने श्रद्धालुओं से भगवान श्रीराम के आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि संतों के आशीर्वाद और जनसहभागिता से उत्तराखंड आध्यात्मिक और सांस्कृतिक क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा।