वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों का असर मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिला। कारोबारी सत्र की शुरुआत गिरावट के साथ हुई और शुरुआती कारोबार में प्रमुख सूचकांक लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। आईटी और मेटल सेक्टर के शेयरों में भारी बिकवाली के कारण बाजार पर दबाव बना रहा, जबकि फार्मा और हेल्थकेयर शेयरों ने निवेशकों को कुछ राहत दी।
सुबह करीब 9:19 बजे तक नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी-50 सूचकांक 43.35 अंक टूटकर 24,059.55 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का सेंसेक्स 117.76 अंकों की गिरावट के साथ 76,976.31 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया। वैश्विक बाजारों में जारी अनिश्चितता और निवेशकों की सतर्कता का असर घरेलू बाजार पर स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।
विशेष रूप से सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और धातु (मेटल) सेक्टर के शेयरों में तेज बिकवाली देखी गई, जिससे ये दोनों सेक्टर दिन के शुरुआती कारोबार में सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वालों में शामिल रहे। हालांकि, निफ्टी फार्मा और निफ्टी हेल्थकेयर सूचकांकों में मजबूती दर्ज की गई। स्वास्थ्य सेवाओं और दवा कंपनियों के शेयरों में खरीदारी के चलते इन सेक्टरों ने बाजार को कुछ हद तक संतुलन प्रदान किया।
मुख्य सूचकांकों में कमजोरी के बावजूद व्यापक बाजार अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति में दिखाई दिया। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.15 फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.21 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई। इससे संकेत मिलता है कि निवेशकों की रुचि अभी भी चुनिंदा मिड और स्मॉलकैप शेयरों में बनी हुई है।
निफ्टी-50 के प्रमुख लाभ वाले शेयरों में डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज, ट्रेंट और श्रीराम फाइनेंस शामिल रहे। इन शेयरों में आई मजबूती ने बाजार में नकारात्मक माहौल के बीच कुछ सकारात्मकता बनाए रखने में मदद की। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक संकेतकों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर नजर बनाए रखना आने वाले कारोबारी सत्रों के लिए महत्वपूर्ण रहेगा।