दीदी राजमणि नीलम आनंद की 21वीं पुण्यतिथि पर उमड़ा शिव शिष्यों का जनसैलाब, पांच लाख पौधे लगाने का लिया संकल्प

रांची। शिव शिष्यता के प्रणेता साहब श्री हरीन्द्रानन्द जी की धर्मपत्नी एवं ममता की प्रतिमूर्ति आदरणीय दीदी राजमणि नीलम आनंद की 21वीं पुण्यतिथि पर बुधवार को रांची स्थित ‘साहब के उपवन’ में भव्य श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर राज्य सहित देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे हजारों शिव शिष्यों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

सुबह से ही ‘साहब के उपवन’ में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती रही। गुरु भाई-बहनों ने कतारबद्ध होकर दीदी के चित्र पर पुष्प अर्पित किए और उनके प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। पूरा परिसर भक्तिमय और भावुक वातावरण से सराबोर रहा।

कार्यक्रम में दीदी के बड़े पुत्र अर्चित आनंद ने बताया कि भारत के साथ-साथ विदेशों में भी शिव शिष्यों द्वारा दीदी को श्रद्धांजलि दी गई। उन्होंने कहा कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी 17 जून से 27 जुलाई तक वृहद पौधारोपण अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान पांच लाख पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लिया गया है। उन्होंने कहा कि दीदी का प्रकृति से विशेष लगाव था और पर्यावरण संरक्षण के माध्यम से उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है।

श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं और वरिष्ठ गुरु भाई-बहनों ने कहा कि दीदी राजमणि नीलम आनंद का व्यक्तित्व अत्यंत विशाल और उदार था। उनका जीवन त्याग, सेवा, करुणा और ममता की मिसाल रहा। उन्होंने साहब श्री हरीन्द्रानन्द जी के शिव शिष्यता संदेश को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और प्रत्येक शिव शिष्य को मातृत्व का स्नेह प्रदान किया।

सभा में उपस्थित शिव शिष्यों ने कहा कि दीदी का निधन शिव शिष्य परिवार के लिए अपूरणीय क्षति थी, लेकिन उनके बताए प्रेम, सेवा और समर्पण के मार्ग पर चलना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

इस अवसर पर हजारों शिव शिष्यों ने साहब श्री हरीन्द्रानन्द जी द्वारा बताए गए शिव शिष्यता के तीन सूत्र—दया मांगना, चर्चा करना और प्रणाम करना—को अपने जीवन में पूर्ण निष्ठा के साथ अपनाने का संकल्प दोहराया।

कार्यक्रम में श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण की विशेष व्यवस्था की गई थी। साथ ही निःशुल्क चिकित्सा शिविर का भी आयोजन किया गया, जहां हजारों लोगों ने स्वास्थ्य संबंधी परामर्श प्राप्त किया।

कार्यक्रम में बरखा दीदी (अध्यक्ष, शिव शिष्य हरीन्द्रानंद फाउंडेशन), अभिनव, निहारिका, गौरी, रत्नम, हिना, मुन्ना, गोपाल, भूषण, आदित्य, अमन, गौतम, सरिता सहित पांच हजार से अधिक शिव शिष्य उपस्थित रहे।

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