नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी एक बार फिर चर्चा में हैं। ट्राई सीरीज शुरू होने से पहले जिस युवा बल्लेबाज को लेकर क्रिकेट जगत में उत्सुकता थी, अब टूर्नामेंट के अंतिम चरण में भी वह सुर्खियों का केंद्र बने हुए हैं। हालांकि इस बार वजह उनकी बल्लेबाजी से ज्यादा थर्ड अंपायर का विवादित फैसला रहा।
अफगानिस्तान ए के खिलाफ खेले गए मुकाबले में 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को शून्य के स्कोर पर जीवनदान मिला, जिसके बाद सोशल मीडिया और क्रिकेट प्रशंसकों के बीच बहस छिड़ गई। मैच के दौरान अफगानिस्तान ए के गेंदबाज शम्स उर रहमान की गेंद पर वैभव ने एक शॉट खेला, जिसे प्वाइंट पर खड़े फरीदून दावूदजई ने एक हाथ से लपक लिया।
मैदान पर मौजूद खिलाड़ियों और दर्शकों को यह कैच पहली नजर में साफ तौर पर आउट दिखाई दिया। हालांकि मामला थर्ड अंपायर के पास भेजा गया, जहां कई बार रिप्ले और अलग-अलग कैमरा एंगल से फुटेज की जांच की गई। लंबे मंथन के बाद थर्ड अंपायर ने फैसला सुनाया कि कैच पूरा करने के दौरान गेंद का एक हिस्सा जमीन को छू गया था, इसलिए कैच वैध नहीं माना जा सकता।
इस फैसले के साथ ही वैभव सूर्यवंशी को नॉट आउट करार दिया गया। थर्ड अंपायर के निर्णय पर अफगानिस्तान ए के खिलाड़ियों ने निराशा जताई, जबकि क्रिकेट प्रेमियों के बीच भी इस फैसले को लेकर अलग-अलग राय देखने को मिली। कई लोगों ने इसे बेहद करीबी मामला बताया, वहीं कुछ प्रशंसकों ने अंपायरिंग निर्णय पर सवाल भी उठाए।
जीवनदान मिलने के बाद वैभव सूर्यवंशी ने मौके का फायदा उठाया और उपयोगी पारी खेली। उन्होंने 28 गेंदों में 38 रन बनाकर टीम के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। हालांकि वह बड़ी पारी नहीं खेल सके, लेकिन शुरुआती झटके से बचने के बाद उन्होंने अपनी प्रतिभा की झलक जरूर दिखाई।
गौरतलब है कि इस ट्राई सीरीज में वैभव का प्रदर्शन अब तक उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा है। इसके बावजूद उनकी हर पारी और मैदान पर होने वाली घटनाएं लगातार चर्चा का विषय बनी हुई हैं। अब क्रिकेट प्रेमियों की नजरें उनके आगामी मुकाबलों और प्रदर्शन पर टिकी हैं।