देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है। उत्तराखंड कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने मामले में हालिया घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्य सरकार से सीबीआई जांच की प्रगति सार्वजनिक करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता को यह जानने का अधिकार है कि बहुचर्चित मामले की जांच आखिर किस चरण में पहुंची है और अब तक क्या तथ्य सामने आए हैं।
गरिमा मेहरा दसौनी ने कहा कि कानून को अपना कार्य निष्पक्ष रूप से करने का पूरा अधिकार है और यदि किसी व्यक्ति द्वारा भ्रामक या गलत जानकारी प्रसारित की गई है तो उसकी जांच होना आवश्यक है। हालांकि उन्होंने सवाल उठाया कि जब राज्य सरकार पहले ही मामले की सीबीआई जांच की संस्तुति कर चुकी है, तब जांच एजेंसी की प्रगति को लेकर स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक क्यों नहीं की जा रही है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि अंकिता भंडारी प्रकरण केवल एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि उत्तराखंड की बेटी को न्याय दिलाने का सवाल है। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में कथित “वीआईपी” का उल्लेख लंबे समय से चर्चा में रहा है, लेकिन आज तक उसकी पहचान और उससे जुड़े तथ्यों को सार्वजनिक नहीं किया गया। ऐसे में जनता के मन में कई सवाल बने हुए हैं, जिनका जवाब मिलना जरूरी है।
दसौनी ने कहा कि केवल कुछ लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर देने से पूरे मामले का निष्कर्ष नहीं निकल जाता। जरूरी है कि जांच के सभी पहलुओं को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से सामने लाया जाए। उन्होंने मांग की कि सरकार और जांच एजेंसियां यह स्पष्ट करें कि मामले की जांच किस दिशा में आगे बढ़ रही है और अब तक कौन-कौन से महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष का समर्थन या विरोध करना नहीं है, बल्कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाना और पूरे मामले की सच्चाई को सामने लाना है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि जांच से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों को सार्वजनिक कर जनता के बीच मौजूद संदेह और सवालों का समाधान किया जाए।