किसानों के लिए गणेश जोशी का बड़ा संदेश, मिट्टी बचेगी तो बढ़ेगी खेती की कमाई!

 काशीपुर। उत्तराखंड के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने किसानों से वैज्ञानिक, प्राकृतिक और जैविक खेती को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि कृषि क्षेत्र को नई दिशा देने में किसानों की मेहनत और आधुनिक तकनीकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि मिट्टी की उर्वरता बनाए रखना और कृषि लागत कम करना वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

काशीपुर स्थित गन्ना प्रेक्षागृह में आयोजित राष्ट्रव्यापी “खेत बचाओ अभियान” कार्यक्रम में कृषि मंत्री ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि रासायनिक उर्वरकों का संतुलित एवं सीमित उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने किसानों से नियमित रूप से मृदा परीक्षण कराने की अपील करते हुए कहा कि मिट्टी की वास्तविक स्थिति की जानकारी मिलने से उर्वरकों का सही उपयोग संभव होगा, जिससे उत्पादन लागत घटेगी और फसल की गुणवत्ता में सुधार आएगा।

गणेश जोशी ने कहा कि वैज्ञानिक तकनीकों, आधुनिक कृषि पद्धतियों और जैविक उपायों को अपनाकर खेती को अधिक लाभकारी एवं टिकाऊ बनाया जा सकता है। उन्होंने किसानों को जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग और पर्यावरण अनुकूल खेती को बढ़ावा देने की भी सलाह दी। उनका कहना था कि प्राकृतिक और जैविक खेती न केवल भूमि की उर्वरता को सुरक्षित रखती है, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने में भी सहायक साबित होती है।

कृषि मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में किसानों के हित में ड्रैगन फ्रूट, कीवी और मिलेट जैसी वैकल्पिक एवं लाभकारी फसलों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पहले मिट्टी परीक्षण केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित था, लेकिन अब “लैब टू लैंड” की अवधारणा के तहत कृषि वैज्ञानिक सीधे किसानों के खेतों तक पहुंचकर मृदा परीक्षण कर रहे हैं।

उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि न्याय पंचायत स्तर तक जागरूकता अभियान चलाकर किसानों को मृदा परीक्षण, उर्वरक प्रबंधन और कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी जाए। कार्यक्रम के दौरान किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों और मृदा स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर भी जानकारी प्रदान की गई।

इस अवसर पर काशीपुर के मेयर दीपक बाली, जिला विकास अधिकारी सुशील मोहन डोभाल, जिला कृषि अधिकारी विकेश यादव, जिला उद्यान अधिकारी सतीश शर्मा सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

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