देहरादून। पंचायतीराज मंत्री मदन कौशिक ने प्रदेश की ग्राम पंचायतों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें सभी आवश्यक सुविधाओं से सुसज्जित बनाने पर जोर दिया है। मंगलवार को विधानसभा स्थित अपने कार्यालय में विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों को ग्राम पंचायतों के समग्र विकास के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि उत्तराखंड को पंचायत विकास के क्षेत्र में एक आदर्श राज्य के रूप में स्थापित करने के लिए ठोस और दीर्घकालिक योजनाओं की आवश्यकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में पेयजल, सड़क, विद्युत, दूरसंचार, नाली और अन्य बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की जाए, जिसे जल्द ही कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत किया जा सके।
बैठक में मंत्री ने विकास कार्यों की निगरानी व्यवस्था को और मजबूत बनाने पर भी बल दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रत्येक जिले में जिलाधिकारी अथवा मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में मॉनिटरिंग समिति गठित की जाए। यह समिति विभिन्न विभागों द्वारा पंचायतों में किए जा रहे विकास कार्यों की समीक्षा करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि एक ही कार्य पर अलग-अलग विभागों द्वारा दोबारा धन खर्च न किया जाए। इससे सरकारी संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और पंचायतों की वास्तविक जरूरतों के अनुसार विकास कार्यों को प्राथमिकता मिल सकेगी।
मदन कौशिक ने अधिकारियों को केंद्र सरकार की राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान योजना के तहत अधिक से अधिक वित्तीय सहायता प्राप्त करने के प्रयास करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए उपलब्ध योजनाओं का पूरा लाभ उठाया जाना चाहिए।
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि प्रदेश की 382 ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध हो चुकी है। मंत्री ने इन भवनों के निर्माण के लिए राज्य सेक्टर के अनुपूरक बजट में आवश्यक धनराशि की मांग का प्रस्ताव शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि पंचायतों का सशक्तिकरण ग्रामीण विकास की मजबूत नींव है और सरकार इस दिशा में गंभीरता से कार्य कर रही है। बैठक में पंचायतीराज विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी विभिन्न योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।