नई दिल्ली। नीट-यूजी परीक्षा में पेपर लीक की घटनाओं को रोकने के लिए प्रश्नपत्रों के परिवहन में वायुसेना के विमानों के इस्तेमाल की प्रस्तावित व्यवस्था को लेकर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि केवल प्रश्नपत्रों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने का तरीका बदलने से पेपर लीक जैसी गंभीर समस्या का समाधान नहीं होगा।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी अपने बयान में केजरीवाल ने कहा कि सरकार मूल समस्या को दूर करने के बजाय प्रतीकात्मक कदमों पर अधिक ध्यान दे रही है। उनका कहना है कि परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए व्यापक सुधारों की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की शिक्षा व्यवस्था पर परीक्षा माफिया का प्रभाव बढ़ता जा रहा है, जिससे लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
गौरतलब है कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित नीट-यूजी परीक्षा पेपर लीक विवाद के बाद चर्चा के केंद्र में रही है। विवाद के बाद परीक्षा प्रक्रिया और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठे थे। अब पुनर्परीक्षा 21 जून को प्रस्तावित है, जिसके लिए सुरक्षा इंतजामों को और मजबूत करने की बात कही जा रही है।
इस बीच, देशभर में आयोजित सीयूईटी-यूजी परीक्षा के दौरान भी कुछ परीक्षा केंद्रों पर तकनीकी समस्याओं की शिकायतें सामने आई हैं। आम आदमी पार्टी की वरिष्ठ नेता आतिशी ने वाराणसी के एक परीक्षा केंद्र का वीडियो साझा करते हुए सर्वर संबंधी दिक्कतों का मुद्दा उठाया। वीडियो में कई छात्र परीक्षा शुरू होने में हुई देरी को लेकर परेशान दिखाई दिए।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए केजरीवाल ने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने परीक्षा प्रबंधन की तैयारियों और तकनीकी व्यवस्था पर भी सवाल उठाए।
नीट और सीयूईटी को लेकर उठे विवादों के बीच देश में परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता, सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी तैयारी पर बहस तेज हो गई है। विपक्षी दल सरकार को घेर रहे हैं, जबकि केंद्र सरकार और परीक्षा एजेंसियां निष्पक्ष, सुरक्षित और पारदर्शी परीक्षा कराने का भरोसा दे रही हैं।