भारत-नॉर्डिक देशों का आतंकवाद पर बड़ा संदेश, मोदी बोले- अब ‘नो कम्प्रोमाइज’ का दौर

ओस्लो। Narendra Modi ने नॉर्डिक देशों के नेताओं के साथ आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता में आतंकवाद के खिलाफ कड़ा संदेश देते हुए कहा कि भारत और नॉर्डिक देश “नो कम्प्रोमाइज, नो डबल स्टैंडर्ड” की नीति पर एकजुट हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वैश्विक स्तर पर आतंकवाद के खिलाफ एक समान और सख्त रवैया अपनाना समय की सबसे बड़ी जरूरत है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया इस समय कई बड़े संघर्षों और तनावों से गुजर रही है। यूक्रेन, पश्चिम एशिया और अन्य क्षेत्रों में जारी संकटों के बीच भारत और नॉर्डिक देश शांति, स्थिरता और नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। उन्होंने बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

मोदी ने कहा कि लोकतंत्र, कानून के शासन और बहुपक्षवाद के प्रति साझा प्रतिबद्धता भारत और नॉर्डिक देशों को स्वाभाविक साझेदार बनाती है। प्रौद्योगिकी, हरित विकास और स्थिरता जैसे क्षेत्रों में दोनों पक्षों के बीच सहयोग तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले 10 वर्षों में भारत और नॉर्डिक देशों के बीच व्यापार लगभग चार गुना बढ़ा है, जबकि भारत में नॉर्डिक निवेश में करीब 200 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि नॉर्वे, आइसलैंड और अन्य ईएफटीए देशों के साथ व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौते के लागू होने से नए अवसर खुलेंगे। वहीं यूरोपीय संघ के साथ मुक्त व्यापार समझौते से भी भारत-नॉर्डिक संबंधों को नई मजबूती मिलेगी।

उन्होंने कहा कि स्वीडन की उन्नत विनिर्माण और रक्षा तकनीक, फिनलैंड की डिजिटल और दूरसंचार विशेषज्ञता तथा डेनमार्क की साइबर सुरक्षा और हेल्थ-टेक क्षमताओं को भारत की प्रतिभा के साथ जोड़कर वैश्विक स्तर पर भरोसेमंद समाधान तैयार किए जाएंगे। साथ ही रिसर्च, स्टार्टअप, कौशल विकास और आर्कटिक अनुसंधान के क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाया जाएगा।

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