बसों में आग की घटनाओं पर सख्त हुई सरकार, अब बदलेंगे सेफ्टी के नियम

नई दिल्ली। Nitin Gadkari ने देश में लगातार बढ़ रही बस दुर्घटनाओं और आग लगने की घटनाओं को गंभीर चिंता का विषय बताते हुए यात्रियों की सुरक्षा के लिए बड़े बदलावों का ऐलान किया है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री ने कहा कि आने वाले समय में भारत में ऐसी बसें तैयार की जाएंगी, जिनमें यूरोप और अमेरिका की तरह अत्याधुनिक सुरक्षा सुविधाएं अनिवार्य होंगी।

सरकार का उद्देश्य बस यात्रा को अधिक सुरक्षित बनाना और हादसों के दौरान होने वाली जनहानि को कम करना है। गडकरी ने माना कि वर्तमान में देश की कई बसों का डिजाइन सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं है। कई मामलों में दुर्घटना या आग लगने के दौरान यात्री बस से बाहर नहीं निकल पाते, क्योंकि इमरजेंसी गेट जाम हो जाते हैं या उनमें लोहे की रॉड जैसी बाधाएं लगी होती हैं।

उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर की बसों में बड़े इमरजेंसी ग्लास और विशेष प्लास्टिक हथौड़े लगाए जाते हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर यात्री शीशा तोड़कर तुरंत बाहर निकल सकें। अब भारत में बनने वाली नई बसों में भी ऐसे फीचर्स अनिवार्य किए जाएंगे।

केंद्र सरकार द्वारा तैयार किए जा रहे नए सुरक्षा मानकों में बेहतर इमरजेंसी एग्जिट, सीट बेल्ट, आधुनिक फायर सेफ्टी सिस्टम, इमरजेंसी लाइट और ड्राइवर की नींद पहचानने वाले सेंसर शामिल होंगे। इसके अलावा नई स्लीपर बसों को केवल अधिकृत फैक्ट्रियों में ही तैयार करने की अनुमति दी जाएगी। बिना फायर सेफ्टी जांच के किसी भी बस का पंजीकरण नहीं किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन कर अवैध बदलाव करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें जेल की सजा तक का प्रावधान रहेगा।

हाल के महीनों में देश के कई हिस्सों में बसों में आग लगने की घटनाओं ने लोगों को झकझोर दिया है। Indore और Udaipur जैसी घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार शॉर्ट सर्किट, डीजल रिसाव, इंजन का अधिक गर्म होना और एसी सिस्टम की खराबी जैसी वजहें इन हादसों का मुख्य कारण बन रही हैं।

सरकार को उम्मीद है कि नए नियम लागू होने के बाद देश में बस यात्राएं पहले से ज्यादा सुरक्षित और भरोसेमंद बनेंगी।

 

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