चेन्नई। तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्रि कड़गम (टीवीके) सरकार ने विधानसभा में विश्वास मत हासिल कर अपनी ताकत साबित कर दी है। सदन में बहुमत साबित करने के लिए सरकार को 118 विधायकों के समर्थन की जरूरत थी, लेकिन टीवीके सरकार को कुल 144 विधायकों का समर्थन मिला। खास बात यह रही कि विपक्षी दल एआईएडीएमके के 27 विधायकों ने भी सरकार के पक्ष में मतदान किया, जिससे राज्य की राजनीति में नई चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
तमिलनाडु विधानसभा की कार्यवाही बुधवार सुबह 9:30 बजे शुरू हुई। यह दिन टीवीके और मुख्यमंत्री विजय के लिए बेहद अहम माना जा रहा था, क्योंकि पहली बार चुनाव लड़कर सत्ता में आई पार्टी को सदन में अपना बहुमत साबित करना था। विधानसभा अध्यक्ष द्वारा कार्यवाही शुरू किए जाने के बाद विश्वास मत पर मतदान कराया गया।
मतदान के दौरान टीवीके सरकार को पार्टी के 106 विधायकों का समर्थन मिला। इसके अलावा कांग्रेस के 5, विदुथलाई चिरुथैगल काची के 2, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के 2, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के 2 और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के 2 विधायकों ने भी सरकार के पक्ष में वोट किया। निर्दलीय विधायक कामराज ने भी विजय सरकार का समर्थन किया।
हालांकि सबसे ज्यादा चर्चा एआईएडीएमके के 27 विधायकों के समर्थन को लेकर हो रही है। विपक्षी दल के कई विधायकों द्वारा सरकार के पक्ष में मतदान किए जाने से तमिलनाडु की राजनीति में नए समीकरण बनने के संकेत मिल रहे हैं। विश्वास मत जीतने के बाद मुख्यमंत्री विजय ने इसे जनता के विश्वास और लोकतंत्र की जीत बताया। वहीं विपक्षी दलों के भीतर भी इस घटनाक्रम को लेकर हलचल तेज हो गई है।