देहरादून। Dehradun में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में एक ही दिन में हजारों मामलों का निस्तारण कर नया रिकॉर्ड बनाया गया। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून के तत्वावधान में आयोजित इस लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के मामलों का आपसी समझौते के आधार पर समाधान किया गया।
शनिवार को जिला मुख्यालय देहरादून सहित ऋषिकेश, विकासनगर, डोईवाला, मसूरी और चकराता के न्यायालयों में सुबह से शाम तक लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस दौरान मोटर दुर्घटना क्लेम, चेक बाउंस, पारिवारिक विवाद, सिविल मामलों, शमनीय आपराधिक मामलों और मोटर वाहन अधिनियम से जुड़े मामलों की सुनवाई की गई।
लोक अदालत में जनपद देहरादून में कुल 5844 मामलों का निस्तारण किया गया। इन मामलों में करीब 13 करोड़ 36 लाख रुपये की धनराशि पर समझौता हुआ। इसके अलावा प्री-लिटिगेशन स्तर के 3236 मामलों को भी सुलझाया गया, जिनमें लगभग 2 करोड़ 18 लाख रुपये पर समझौता हुआ।
विकासनगर न्यायालय में 978 मामलों का निपटारा हुआ, जबकि ऋषिकेश में 537 मामलों का समाधान किया गया। डोईवाला में 242 और मसूरी में 56 मामलों का निस्तारण हुआ। विभिन्न मामलों में लाखों रुपये की धनराशि पर पक्षकारों के बीच सहमति बनी।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं वरिष्ठ सिविल जज Seema Dungarakoti ने कहा कि लोक अदालतें आम लोगों को सस्ता, सरल और त्वरित न्याय उपलब्ध कराने का प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने बताया कि लोक अदालत में दिए गए फैसले अंतिम और बाध्यकारी होते हैं तथा मामले के निस्तारण के बाद जमा न्याय शुल्क भी वापस कर दिया जाता है।
उन्होंने कहा कि लोक अदालतों से समाज में आपसी सौहार्द, संवाद और भाईचारे की भावना मजबूत होती है। यही वजह है कि बड़ी संख्या में लोग अब अपने विवादों को आपसी सहमति से सुलझाने के लिए लोक अदालत का सहारा ले रहे हैं।