पटना। Bihar में पिछले कई दिनों से जारी तेज आंधी और बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। शुक्रवार को राजधानी पटना में 135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली तेज आंधी और भारी बारिश ने भारी तबाही मचाई। पेड़ गिरने और आकाशीय बिजली की घटनाओं में राज्यभर में 9 लोगों की मौत हो गई, जिनमें सबसे ज्यादा चार मौतें पटना में दर्ज की गईं।
महज 30 मिनट की बारिश और तूफान ने पूरे शहर की रफ्तार रोक दी। पटना में 200 से ज्यादा और जिलेभर में करीब 600 पेड़ गिर गए। कई जगहों पर होर्डिंग्स और बिजली के पोल गिरने से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। हालात इतने खराब थे कि दो किलोमीटर की दूरी तय करने में लोगों को डेढ़ घंटे तक का समय लग गया।
इस दौरान नेता प्रतिपक्ष Tejashwi Yadav भी जाम में फंस गए। लंबे समय तक ट्रैफिक में फंसे रहने के बाद उन्हें अपनी कार छोड़कर बाइक से जाना पड़ा। वहीं जदयू प्रदेश अध्यक्ष Umesh Kushwaha के आवास पर पेड़ गिरने से उनकी कार क्षतिग्रस्त हो गई।
आंधी का असर सरकारी परिसरों और सार्वजनिक स्थलों पर भी देखने को मिला। Patna Zoo में 30 से अधिक पेड़ गिरने के कारण 52 साल में पहली बार इसे एक दिन के लिए बंद करना पड़ा। वहीं बापू टावर को भी तीन दिनों के लिए आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया है।
पटना जंक्शन पर भी तेज तूफान का असर दिखाई दिया, जहां प्लेटफॉर्म पर लगा लोहे का शेड उखड़कर ट्रेन के कोच पर गिर गया। एयरपोर्ट परिसर में भी पेड़ और होर्डिंग्स गिरने की घटनाएं हुईं, जबकि खराब मौसम के कारण इंडिगो की फ्लाइट को लखनऊ डायवर्ट करना पड़ा।
मौसम विभाग ने पटना समेत 20 जिलों में तेज आंधी, बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार 11 मई तक मौसम खराब रह सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से बिहार के कई हिस्सों में मौसम तेजी से बदल सकता है।