373 साल पुराने ताजमहल पर खतरा! आंधी-बारिश में टूटने लगे शाही गेट के पत्थर

आगरा। दुनिया के सात अजूबों में शामिल Taj Mahal की मजबूती को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े होने लगे हैं। करीब 373 साल पुराने इस ऐतिहासिक स्मारक का शाही दरवाजा अब कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है। हालात ऐसे हैं कि मामूली आंधी और बारिश में भी दरवाजे के पत्थर टूटकर नीचे गिर रहे हैं। लगातार हो रही इस तरह की घटनाओं ने स्मारक की सुरक्षा और संरक्षण को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले महीने अप्रैल में दो अलग-अलग मौकों पर शाही दरवाजे के पत्थर टूटकर नीचे गिर गए। पहली घटना 7 अप्रैल 2026 को हुई, जब आगरा में तेज आंधी और बारिश के दौरान दरवाजे के सफेद और लाल पत्थर निकलकर नीचे आ गिरे। राहत की बात यह रही कि उस समय कोई पर्यटक इसकी चपेट में नहीं आया।

इसके बाद 30 अप्रैल 2026 को हल्की आंधी और बारिश में भी शाही दरवाजे के सफेद पत्थर के पांच टुकड़े टूटकर नीचे गिर गए। लगातार दो घटनाओं ने पुरातत्व विभाग और स्थानीय प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।

बताया जा रहा है कि शाही दरवाजे की दीवारों में कई जगह दरारें दिखाई देने लगी हैं और कुछ पत्थर अपनी जगह से खिसक चुके हैं। यही वजह है कि मौसम के हल्के बदलाव में भी पत्थर टूटने की घटनाएं सामने आ रही हैं।

ताजमहल का शाही दरवाजा मुख्य प्रवेश द्वार माना जाता है। पश्चिमी और पूर्वी गेट से आने वाले पर्यटक इसी रास्ते से मुख्य मकबरे तक पहुंचते हैं। यह दरवाजा भी ताजमहल जितना ही पुराना माना जाता है। इससे पहले साल 2020 में यमुना नदी की ओर लगी जालीदार रेलिंग भी तेज बारिश और आंधी के कारण गिर गई थी।

विशेषज्ञों का मानना है कि स्मारक के पुराने पत्थरों की नियमित मरम्मत और संरक्षण जरूरी है, ताकि दुनिया की इस धरोहर को भविष्य के लिए सुरक्षित रखा जा सके।

Leave A Reply

Your email address will not be published.