नई दिल्ली, अफ्रीकी देश Rwanda ने भारत को परमाणु ऊर्जा और उभरती तकनीकों पर होने वाले बड़े अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में शामिल होने का आमंत्रण दिया है। रवांडा के राष्ट्रपति की ओर से जैकलीन मुकांगिरा ने शनिवार को प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री Jitendra Singh से मुलाकात कर उन्हें ‘अफ्रीका के लिए परमाणु ऊर्जा नवाचार शिखर सम्मेलन (NEISA 2026)’ में भाग लेने का निमंत्रण सौंपा।
यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 18 से 21 मई तक Kigali में आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन का आयोजन अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA), संयुक्त राष्ट्र आर्थिक आयोग फॉर अफ्रीका (UNECA) और विश्व परमाणु संघ जैसी प्रमुख वैश्विक संस्थाओं के सहयोग से किया जा रहा है। इसमें परमाणु ऊर्जा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मैन्युफैक्चरिंग और भविष्य की ऊर्जा साझेदारियों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने व्यस्तताओं के चलते रवांडा दौरे में शामिल होने में असमर्थता जताई, लेकिन उन्होंने वर्चुअल माध्यम से सम्मेलन को संबोधित करने पर सहमति दी। इस दौरान भारत और रवांडा के बीच विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, डिजिटल क्षमता निर्माण, परमाणु ऊर्जा और नई तकनीकों के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक में डॉ. सिंह ने कहा कि भारत आज परमाणु ऊर्जा, अंतरिक्ष तकनीक, बायोटेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में तेजी से प्रगति कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत ग्लोबल साउथ देशों के साथ विज्ञान, नवाचार और सतत विकास के क्षेत्र में मजबूत साझेदारी के लिए प्रतिबद्ध है।
रवांडा प्रतिनिधिमंडल ने भारत की वैज्ञानिक और तकनीकी क्षमताओं की सराहना करते हुए भारतीय संस्थानों के साथ सहयोग बढ़ाने की इच्छा जताई। दोनों देशों के बीच रिसर्च, शिक्षा, इनोवेशन और क्षमता निर्माण के नए अवसरों पर भी सकारात्मक चर्चा हुई। यह पहल भारत और अफ्रीकी देशों के बीच तकनीकी और रणनीतिक संबंधों को नई मजबूती देने वाली मानी जा रही है।