डॉलर के मुकाबले मजबूत हुआ रुपया: क्या गिरते तेल दाम देंगे और राहत?

नई दिल्ली। वैश्विक बाजार में सकारात्मक संकेतों के बीच भारतीय मुद्रा में मजबूती देखने को मिली है। बुधवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 32 पैसे की बढ़त के साथ 94.51 के स्तर पर बंद हुआ। यह उछाल मुख्य रूप से कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट और अंतरराष्ट्रीय तनाव कम होने के संकेतों के कारण देखने को मिला।

कारोबार की शुरुआत में रुपया मजबूत रुख के साथ खुला और शुरुआती सत्र में 23 पैसे की तेजी के साथ 94.95 प्रति डॉलर तक पहुंच गया। बाद में इसमें हल्का उतार-चढ़ाव देखा गया, लेकिन अंततः यह मजबूत स्थिति में बंद होने में सफल रहा। इससे पहले मंगलवार को रुपया 95.18 प्रति डॉलर के स्तर पर बंद हुआ था।

विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ तनाव कम करने के संकेत देने से वैश्विक बाजार में राहत का माहौल बना है। इसका असर सीधे तौर पर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा, जिससे ब्रेंट क्रूड घटकर लगभग 108 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया।

तेल की कीमतों में गिरावट से भारत जैसे आयातक देशों को राहत मिलती है, क्योंकि इससे आयात लागत कम होती है और मुद्रा पर दबाव घटता है। इसी कारण रुपये में मजबूती देखी गई है।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 95 प्रति डॉलर पर खुला और तेजी के साथ ऊपर गया। हालांकि, दिन के दौरान यह कुछ समय के लिए 95.10 के स्तर पर भी कारोबार करता नजर आया।

इस बीच, वैश्विक स्तर पर डॉलर की मजबूती को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.16 प्रतिशत गिरकर 98.28 पर आ गया, जिससे अन्य मुद्राओं को भी सपोर्ट मिला।

विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट जारी रहती है और वैश्विक तनाव कम होता है, तो आने वाले दिनों में रुपये को और मजबूती मिल सकती है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.