तमिलनाडु चुनाव प्रचार का अंतिम दिन: किसके पक्ष में बनेगा माहौल?

तमिलनाडु में 23 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले मंगलवार को प्रचार का अंतिम दिन रहा, जिसमें सभी राजनीतिक दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी। राज्य की 234 विधानसभा सीटों पर इस बार कुल 4,023 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिससे मुकाबला बेहद दिलचस्प और कड़ा माना जा रहा है।

प्रचार के आखिरी दिन उम्मीदवारों ने अधिक से अधिक मतदाताओं तक पहुंचने की कोशिश की। जगह-जगह जनसभाएं, रोड शो और डोर-टू-डोर संपर्क अभियान तेज कर दिए गए। बड़े नेताओं ने भी अपने-अपने क्षेत्रों में चुनावी माहौल को अपने पक्ष में करने के लिए पूरी ताकत लगा दी।

मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने राज्यभर में अपने चुनावी दौरे को समेटते हुए अपने निर्वाचन क्षेत्र कोलाथुर में जनसंपर्क किया और मतदाताओं से समर्थन मांगा। वहीं, विजय ने भी चेन्नई के विभिन्न इलाकों में रोड शो कर अपनी पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश की। उनकी रैली पल्लवक्कम अंबेडकर प्रतिमा से शुरू होकर तिरुवनमियूर, सैदापेट होते हुए अन्ना सलाई तक पहुंची।

इसके अलावा सैदापेट स्थित वाईएमसीए मैदान में पार्टी पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें चुनावी रणनीति को अंतिम रूप दिया गया।

चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार, शाम 6 बजे के बाद किसी भी प्रकार का चुनाव प्रचार, सभा या जुलूस पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इसके साथ ही बाहरी क्षेत्रों से आए लोगों को संबंधित विधानसभा क्षेत्रों को छोड़ने का निर्देश दिया गया है, ताकि निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित किया जा सके।

आयोग ने सख्त चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें दो साल तक की सजा का प्रावधान है।

अब प्रचार थमने के बाद सभी की नजरें 23 अप्रैल को होने वाले मतदान और उसके परिणामों पर टिकी हैं, जो राज्य की राजनीतिक दिशा तय करेंगे।

 

 

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