देहरादून। उत्तराखंड में समेकित अवसंरचना विकास को गति देने के उद्देश्य से दून विश्वविद्यालय में पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान पर आधारित दो दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न जिलों से आए सरकारी अधिकारियों ने भाग लिया और आधुनिक विकास रणनीतियों पर गहन विचार-विमर्श किया।
यह कार्यक्रम सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन लॉजिस्टिक्स एंड सप्लाई चेन मैनेजमेंट तथा सेंटर फॉर पब्लिक पॉलिसी एंड गुड गवर्नेंस के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य संस्थागत क्षमता को मजबूत करना और डेटा-आधारित समेकित नियोजन को बढ़ावा देना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसमें प्रो. दुर्गेश पंत, कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल, प्रो. आर.पी. ममगैन, प्रो. एच.सी. पुरोहित और डॉ. मनोज कुमार पंत सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में डॉ. मनोज कुमार पंत ने पीएम गति शक्ति के तहत समेकित अवसंरचना नियोजन में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। वहीं प्रो. दुर्गेश पंत ने सतत विकास के लिए विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नीति के बीच समन्वय को आवश्यक बताया।
कार्यक्रम के दौरान कई तकनीकी सत्र और प्रायोगिक प्रशिक्षण आयोजित किए गए, जिनमें प्रतिभागियों को पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान पोर्टल के उपयोग की व्यावहारिक जानकारी दी गई। विशेषज्ञों—ऐश्वर्या आवनिश, नवराज छेत्री, अक्षय जायसवाल, कैलाश रावत और जागृति तिवारी—ने इन सत्रों का संचालन किया।
इस कार्यक्रम में विभिन्न शिक्षाविदों और विशेषज्ञों की सक्रिय भागीदारी ने इसे और अधिक उपयोगी और प्रभावी बनाया। कार्यक्रम के समापन के साथ प्रतिभागियों ने इसे भविष्य की योजनाओं के लिए अत्यंत लाभकारी बताया।