Guwahati पुलिस ने एक बड़े अभियान के तहत चार बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार कर अवैध घुसपैठ और फर्जी दस्तावेज बनाने वाले नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई से सुरक्षा एजेंसियों के बीच भी सतर्कता बढ़ गई है।
गिरफ्तार लोगों में मुन्नी अख्तर (22), मूर सलीम शेख (32), उनकी पत्नी मुसम्मत मुक्ता शेख (25) और एक नाबालिग शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, फिलहाल सभी को Dispur Police Station में रखा गया है, जहां से आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उन्हें बांग्लादेश भेजने की तैयारी की जा रही है।
जांच में सामने आया है कि ये सभी एक दलाल आसिफ अली के जरिए असम पहुंचे थे, जिसने इनके रहने और यात्रा की व्यवस्था की थी। पुलिस ने बताया कि ये लोग 10 अप्रैल से गुवाहाटी में छिपे हुए थे और मुंबई जाने की योजना बना रहे थे।
इस मामले में एक और अहम गिरफ्तारी हुई है। बरपेटा जिले के रहने वाले मोहम्मद आक्काश अली को भी पुलिस ने दबोचा है, जो पेशे से ड्राइवर होने के साथ-साथ दलाली का काम करता था। आरोप है कि उसने इन बांग्लादेशी नागरिकों के लिए फर्जी मतदाता पहचान पत्र तैयार करवाए थे।
पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि सभी आरोपियों ने बरपेटा से वोटर कार्ड बनवा लिया था, जिससे पहचान सत्यापन और चुनावी प्रणाली की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठे हैं।
Assam Police के अनुसार, मामले में अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है और पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए जांच तेज कर दी गई है। पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई जारी है।
इस घटना ने अवैध घुसपैठ और दस्तावेज़ फर्जीवाड़े के बड़े नेटवर्क की ओर इशारा किया है, जिसे तोड़ने के लिए एजेंसियां अब और सख्ती से जुटी हुई हैं।
