देहरादून / रुड़की। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त शायर एवं कवि अफजल मंगलौरी को उर्दू साहित्य में उनके दीर्घकालीन योगदान के लिए राज्य के सर्वोच्च सम्मान “उत्तराखंड गौरव सम्मान – उनवान चिश्ती अवार्ड 2025” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा प्रदान किया गया।
सम्मान स्वरूप अफजल मंगलौरी को 1 लाख 51 हजार रुपये की धनराशि , शॉल, प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर उनके साहित्यिक और सामाजिक योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनकी रचनाएं न केवल उर्दू साहित्य को समृद्ध कर रही हैं, बल्कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित कर रही हैं।
कार्यक्रम में राज्य सरकार के समाज कल्याण एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री खजान दास , स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल तथा विधायक सविता कपूर सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
इस अवसर पर भाषा विभाग की निदेशक मायावती ढकरियाल ने बताया कि अफजल मंगलौरी की अब तक विभिन्न विधाओं में आठ पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं और उन्होंने देश-विदेश में अपने लेखन से उत्तराखंड का नाम रोशन किया है।
उसी समारोह में अन्य भाषाओं के साहित्यकारों— डॉ. जितेन ठाकुर , डॉ. बुद्धिनाथ मिश्र , डॉ. यशवंत कटोच, श्याम सिंह कुटेला , डॉ. प्रीतम सिंह और केसर सिंह राय —को भी उत्तराखंड गौरव सम्मान 2025 से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सुशील कुमार उपाध्याय ने किया।
यह सम्मान समारोह राज्य की बहुभाषी साहित्यिक परंपरा और रचनाकारों के योगदान को सम्मानित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।