देहरादून–हरिद्वार–ऋषिकेश कॉरिडोर होगा जाम-मुक्त, धामी सरकार की नई मोबिलिटी योजना पर बड़ा फैसला

देहरादून।  उत्तराखंड में तेजी से बढ़ते शहरीकरण और यातायात दबाव को देखते हुए राज्य सरकार ने देहरादून–हरिद्वार–ऋषिकेश कॉरिडोर को आधुनिक और जाम-मुक्त बनाने के लिए व्यापक योजना पर काम तेज कर दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के तहत इस महत्वपूर्ण कॉरिडोर के लिए कॉम्प्रीहेन्सिव मोबिलिटी प्लान (CMP) को लेकर उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई।

राज्य सचिवालय में आयोजित बैठक की अध्यक्षता आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने की। बैठक में कॉरिडोर के भीतर आने वाले प्रमुख शहरी क्षेत्रों—देहरादून, विकासनगर, ऋषिकेश, हरिद्वार, रुड़की और भगवानपुर—की वर्तमान यातायात स्थिति और भविष्य की जरूरतों पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक की शुरुआत परिवहन परामर्श संस्था यूएमटीसी द्वारा प्रस्तुत अद्यतन प्रस्तावों से हुई। इसमें बताया गया कि औद्योगिक क्षेत्र सिडकुल के विस्तार, बढ़ते पर्यटन और आबादी में वृद्धि के कारण इस कॉरिडोर में यातायात का दबाव लगातार बढ़ रहा है, जिससे पीक आवर्स में जाम की समस्या आम हो गई है।

सरकार की इस योजना का उद्देश्य परिवहन व्यवस्था को सुरक्षित, पर्यावरण-अनुकूल और लोगों के लिए अधिक सुविधाजनक बनाना है। CMP-2024 के तहत सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने, निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने और पैदल व साइकिल चालकों के लिए अलग लेन व बेहतर सुविधाएं विकसित करने जैसे कई प्रस्ताव रखे गए हैं।

आवास सचिव ने निर्देश दिए कि CMP के सभी प्रस्तावों को संबंधित शहरों के मास्टर प्लान में शामिल किया जाए, ताकि भविष्य में होने वाला शहरी विकास एकीकृत परिवहन प्रणाली के अनुरूप हो। इससे न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि शहरों की समग्र योजना भी अधिक व्यवस्थित बन सकेगी।

देहरादून–हरिद्वार–ऋषिकेश कॉरिडोर राज्य का सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक, पर्यटन और प्रशासनिक मार्ग माना जाता है। हर साल लाखों श्रद्धालु और पर्यटक इस मार्ग का उपयोग करते हैं, जिससे यहां यातायात का दबाव और बढ़ जाता है। ऐसे में सरकार की यह पहल लंबे समय से चली आ रही जाम और अव्यवस्थित यातायात की समस्या का स्थायी समाधान साबित हो सकती है।

इस योजना के लागू होने से न केवल यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि प्रदूषण में कमी, सड़क सुरक्षा में सुधार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

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