तमिलनाडु के रामेश्वरम से समुद्र में मछली पकड़ने गए सात भारतीय मछुआरों को गुरुवार सुबह श्रीलंका नौसेना ने हिरासत में ले लिया। मछुआरों पर अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा पार कर मछली पकड़ने का आरोप लगाया गया है। इस कार्रवाई के दौरान उनकी दो मोटरबोट भी जब्त कर ली गईं, जिससे स्थानीय मछुआरा समुदाय में आक्रोश फैल गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मछुआरे वैध अनुमति पत्र लेकर समुद्र में उतरे थे। जब वे नेदुंतिवु द्वीप (डेल्फ्ट द्वीप) के आसपास मछली पकड़ रहे थे, तभी श्रीलंका की नौसेना की गश्ती टीम ने उन्हें रोक लिया और सीमा उल्लंघन का आरोप लगाते हुए गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद सभी सातों मछुआरों को पूछताछ के लिए कांगेसनथुरै नौसैनिक शिविर ले जाया गया।
प्रारंभिक पूछताछ के बाद उन्हें मन्नार जिला के मत्स्य विभाग के अधिकारियों को सौंप दिया गया है। सूत्रों के अनुसार, कानूनी प्रक्रिया के तहत उन्हें अदालत में पेश कर जेल भेजा जा सकता है। इस घटना से रामेश्वरम और आसपास के तटीय गांवों में चिंता और रोष का माहौल है।
दरअसल, तमिलनाडु और श्रीलंका के बीच समुद्री सीमा को लेकर लंबे समय से विवाद बना हुआ है। कई बार मछुआरे अनजाने में सीमा पार कर जाते हैं, जिसके चलते उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाता है। ऐसी घटनाएं न केवल दोनों देशों के रिश्तों पर असर डालती हैं, बल्कि गरीब मछुआरों की रोजी-रोटी पर भी सीधा संकट खड़ा कर देती हैं।
जब्त की गई नावें अक्सर लंबे समय तक वापस नहीं मिल पातीं, जिससे कर्ज लेकर मछली पकड़ने वाले मछुआरे आर्थिक रूप से टूट जाते हैं। इस ताजा घटना के बाद मछुआरा संगठनों ने सरकार से स्थायी समाधान निकालने और मछुआरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग तेज कर दी है।