उत्तराखंड के कथा साहित्य पर शोध कर भारती मिश्रा ने हासिल की पीएचडी—क्या है उनके शोध का खास निष्कर्ष?

Dehradun की साहित्यकार और शिक्षिका
Bharti Mishra को
Sparsh Himalaya University द्वारा डॉक्टरेट (पीएचडी) की उपाधि प्रदान की गई है। उन्हें यह उपाधि उनके शोध प्रबंध  “उत्तराखण्ड के अधुनातन कथाकारों के कथा साहित्य का समीक्षात्मक अध्ययन”  पर प्रदान की गई।

भारती मिश्रा ने यह शोध कार्य सुप्रसिद्ध साहित्यकार और शिक्षाविद
Savita Mohan के मार्गदर्शन में पूरा किया। शोध के दौरान उन्होंने उत्तराखंड के समकालीन कथाकारों के साहित्य, उनकी विषयवस्तु, शैली और सामाजिक सरोकारों का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया।

शोध प्रबंध की मौखिक परीक्षा
Muktinath Yadav, हिंदी विभाग,
Sri Dev Suman Uttarakhand University, ऋषिकेश परिसर द्वारा ली गई। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति
Govind Singh Rajwar, प्रति कुलपति
Rakesh Kumar Sundariyal, हिंदी विभागाध्यक्ष
Manisha Agrawal तथा अन्य शिक्षाविद और शोधार्थी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में उपस्थित विद्वानों ने कहा कि भारती मिश्रा का यह शोध उत्तराखंड के आधुनिक कथा साहित्य को समझने और उसके साहित्यिक विकास की दिशा को रेखांकित करने में महत्वपूर्ण योगदान देगा। उनके अध्ययन से क्षेत्रीय साहित्य की नई प्रवृत्तियों और सामाजिक संदर्भों को बेहतर तरीके से समझने में सहायता मिलेगी।

भारती मिश्रा की इस उपलब्धि पर साहित्यिक और शैक्षणिक जगत से जुड़े अनेक विद्वानों, साहित्यकारों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत परिश्रम का परिणाम है, बल्कि उत्तराखंड के साहित्यिक अध्ययन के क्षेत्र में भी एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

 

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