कौरवी लोकगीत की गूंज ने जीता दिल—कौन हैं ‘नूतन काव्यश्री’ सम्मान से नवाजी गईं डॉ. सुनीता सैनी ‘गुड्डी’?

Roorkee में नव सृजन साहित्यिक संस्था द्वारा आयोजित सप्तम साहित्यिक स्मृति समारोह में प्रसिद्ध लोकगीतकार
Sunita Saini Guddi को इस वर्ष का ‘नूतन काव्यश्री’ सम्मान प्रदान किया गया। यह कार्यक्रम उत्तराखंड के पूर्व संस्कृत शिक्षा निदेशक
Anand Bhardwaj की धर्मपत्नी स्वर्गीय नूतन भारद्वाज की स्मृति में आयोजित किया गया था।

समारोह की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार
Subodh Pundir Sarit ने की, जबकि संचालन उदीयमान शायर
Pankaj Tyagi Aseem ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन और पुष्पांजलि के साथ हुआ, जिसके बाद सभी अतिथियों ने स्वर्गीय नूतन भारद्वाज को श्रद्धांजलि अर्पित की।

मुख्य अतिथि के रूप में
Pradeep Batra सहित कई साहित्यकार और शिक्षाविद उपस्थित रहे। सम्मानित अतिथि के रूप में विक्रमशिला हिंदी विद्यापीठ के उपकुलपति
Shrigopal Narson, कवि
Kislaya Krantikari तथा वरिष्ठ साहित्यकार नरेश राजवंशी ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई।

समारोह के दौरान विभिन्न कवियों और साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से स्वर्गीय नूतन भारद्वाज को श्रद्धांजलि दी। डॉ. वंदना भारद्वाज की मां पर आधारित भावुक कविता ने पूरे सभागार को भावुक कर दिया, वहीं डॉ. आनंद भारद्वाज की काव्य प्रस्तुति ने श्रोताओं को गहरे भावों से जोड़ दिया।

कार्यक्रम का सबसे आकर्षक क्षण तब आया जब डॉ. सुनीता सैनी ‘गुड्डी’ ने कौरवी भाषा में पुरुष वेदना पर आधारित लोकगीत प्रस्तुत किया। उनकी प्रस्तुति ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया और लंबे समय तक तालियों की गूंज सुनाई देती रही। इसके अलावा सुरेंद्र सैनी, पंकज त्यागी ‘असीम’ और अन्य कवियों की रचनाओं ने भी साहित्यिक वातावरण को समृद्ध किया।

समारोह के अंत में इंजीनियर अभिषेक भारद्वाज ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर शहर के अनेक साहित्यप्रेमी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे, जिन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग दिया।

 

Leave A Reply

Your email address will not be published.