देहरादून। Uttarakhand Madhyamik Sanskrit Shikshak Evam Karmachari Sangathan की एक महत्वपूर्ण बैठक देहरादून स्थित Shri Guru Ram Rai Laxman Inter College के श्री महंत इन्द्रेश सभागार में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष Anusuya Prasad Sundariyal ने की। इसमें प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य, विभिन्न जनपदों की इकाइयों के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में वरिष्ठ संस्कृत शिक्षक शामिल हुए।
बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन को मजबूत बनाना और संस्कृत शिक्षा से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा करना था। कार्यक्रम की शुरुआत प्रदेश महामंत्री Janardan Kairwan ने सभी अतिथियों और प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए की। उन्होंने कहा कि संगठन को मजबूत बनाने के लिए सभी जिलों में सक्रिय सदस्यता अभियान चलाना आवश्यक है। उन्होंने सभी जिला अध्यक्षों, महामंत्रियों और कार्यकारिणी सदस्यों से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सदस्यता अभियान को युद्धस्तर पर संचालित करें।
उन्होंने बताया कि संगठन के गठन को एक वर्ष पूरा हो चुका है और इस दौरान संगठन लगातार संस्कृत शिक्षा से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए संघर्ष कर रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की एकजुटता से ही संगठन की ताकत बढ़ेगी और उनकी मांगों को प्रभावी ढंग से सरकार तक पहुंचाया जा सकेगा।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए डॉ. अनसूया प्रसाद सुन्दरियाल ने कहा कि संगठन वर्तमान में अपनी प्रमुख मांगों को लेकर सरकार से लगातार संवाद कर रहा है। उन्होंने विशेष रूप से संस्कृत शिक्षा विनियम को शीघ्र लागू करने की मांग को प्रमुख बताया और कहा कि इसके लागू होने से संस्कृत शिक्षकों और शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
बैठक का संचालन आचार्य सुभाष चंद्र डोभाल ने किया। इस अवसर पर संगठन के प्रदेश संगठन मंत्री डॉ. मुकेश खंडूरी, सह संगठन मंत्री डॉ. सतीश चंद्र भट्ट, प्रदेश कोषाध्यक्ष मनोज कुमार द्विवेदी सहित कई पदाधिकारी और शिक्षक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में प्रदेश भर से आए शिक्षकों ने संगठन को मजबूत बनाने और संस्कृत शिक्षा के विकास के लिए सामूहिक प्रयास करने का संकल्प भी लिया।