कार्यक्रम में उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के सहायक क्षेत्रीय निदेशक डॉ. गोविंद सिंह रावत मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। उन्होंने विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय में संचालित विभिन्न डिग्री और डिप्लोमा पाठ्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि दूरस्थ शिक्षा उन युवाओं के लिए बेहतर विकल्प है, जो किसी कारणवश नियमित शिक्षण संस्थानों में प्रवेश नहीं ले पाते। इसके माध्यम से विद्यार्थी अपनी सुविधानुसार उच्च शिक्षा जारी रख सकते हैं।
डॉ. रावत ने विद्यार्थियों को नियमित पढ़ाई के साथ डबल डिग्री के तहत अन्य पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने के लिए भी प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि अतिरिक्त पाठ्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थी अपने ज्ञान और कौशल को बढ़ा सकते हैं, जिससे भविष्य में रोजगार के नए अवसर प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि अध्ययन केंद्र 11130 जनजातीय क्षेत्र के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। विश्वविद्यालय का प्रयास है कि दूरस्थ क्षेत्रों के युवाओं तक भी शिक्षा के बेहतर अवसर पहुंचें और आर्थिक अथवा भौगोलिक परिस्थितियां उनकी पढ़ाई में बाधा न बनें।
इस अवसर पर डॉ. रावत ने छात्र-छात्राओं को निशुल्क पाठ्यपुस्तकों का वितरण भी किया। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय की ओर से प्रदेशभर में निशुल्क पुस्तक वितरण अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराकर दूरस्थ शिक्षा को अधिक सुलभ बनाना है।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के चेयरमैन अनिल सिंह तोमर, विश्वविद्यालय की समन्वयक डॉ. प्रियंका जलाल, सहायक समन्वयक नितिन तोमर, शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

