आइची-नागोया। भारतीय पैरा पावरलिफ्टर अशोक कुमार मलिक ने एशियाई पैरा खेल-2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया। उन्होंने पुरुषों के 65 किलोग्राम भार वर्ग में रजत पदक जीतकर इस संस्करण में भारत को पैरा पावरलिफ्टिंग का पहला पदक दिलाया। अशोक ने अपने दूसरे प्रयास में 192 किलोग्राम भार उठाकर दूसरा स्थान हासिल किया।
प्रतियोगिता में अशोक ने पहले प्रयास में 187 किलोग्राम भार सफलतापूर्वक उठाया। इसके बाद दूसरे प्रयास में 192 किलोग्राम भार उठाकर रजत पदक की दावेदारी मजबूत कर दी। स्वर्ण पदक हासिल करने के लिए उन्होंने अंतिम प्रयास में 201 किलोग्राम भार उठाने की चुनौती स्वीकार की, लेकिन वह इसमें सफल नहीं हो सके।
चीन के यी झोउ ने 216 किलोग्राम भार उठाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। वहीं, इंडोनेशिया के मारगोनो ने 177 किलोग्राम भार उठाकर कांस्य पदक जीता।
पिछले प्रदर्शन में किया सुधार
अशोक मलिक ने पिछले एशियाई पैरा खेलों में हांगझोऊ में कांस्य पदक जीता था। इस बार उन्होंने अपने प्रदर्शन में सुधार करते हुए रजत पदक हासिल किया। उनकी यह उपलब्धि भारतीय पैरा पावरलिफ्टिंग के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
अशोक पुरुषों के 65 किलोग्राम भार वर्ग में भारत के प्रमुख पैरा पावरलिफ्टरों में शामिल हैं। वह पेरिस पैरालंपिक-2024 में भी देश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके लगातार प्रदर्शन ने उन्हें भारतीय पैरा खेलों के प्रमुख खिलाड़ियों में जगह दिलाई है।
भारत के पदकों की संख्या 22 पहुंची
अशोक मलिक के रजत पदक के साथ एशियाई पैरा खेल-2026 में भारत के कुल पदकों की संख्या 22 हो गई है। इनमें पांच स्वर्ण, आठ रजत और नौ कांस्य पदक शामिल हैं।
अशोक की इस सफलता से भारतीय दल के अभियान को मजबूती मिली है। पावरलिफ्टिंग में भारत का पहला पदक जीतकर उन्होंने देश के लिए एक और उपलब्धि दर्ज की और पिछले संस्करण के अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाया।
