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देश के 800 जिलों में स्वतंत्रता सेनानी परिवारों को जोड़ने की मुहिम, जानिए क्या है महापरिषद का लक्ष्य

रुड़की। देश के स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों को एक मंच पर लाने और राष्ट्र निर्माण में उनकी भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से अखिल भारतीय स्वतंत्रता सेनानी एवं परिवार कल्याण महापरिषद ने देशव्यापी अभियान शुरू किया है। महापरिषद का लक्ष्य देश के 800 जिलों में संगठन का विस्तार कर स्वतंत्रता सेनानी परिवारों को एकजुट करना है। इसके लिए विभिन्न राज्यों में सदस्यता अभियान तेज कर दिया गया है।

महापरिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता गोपाल नारसन ने बताया कि संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अपने-अपने राज्यों में सदस्यता अभियान को गति दे रहे हैं। अभियान की निगरानी राष्ट्रीय समन्वयक हरिराम गुप्ता और राष्ट्रीय महासचिव कुमार पटेल कर रहे हैं। संगठन का उद्देश्य स्वतंत्रता सेनानी परिवारों को संगठित कर उन्हें देश के नव निर्माण और जनहित के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करना है।

गोपाल नारसन के अनुसार, महापरिषद तीन स्तरीय व्यवस्था के तहत कार्य कर रही है। इसके अंतर्गत राष्ट्रीय, राज्य और जिला स्तर पर स्वतंत्रता सेनानी परिवारों को जोड़ा जा रहा है। संगठन की योजना है कि प्रत्येक प्रदेश में पदाधिकारियों के समन्वय से सदस्यता अभियान को व्यापक बनाया जाए, ताकि अधिक से अधिक परिवार इस मुहिम से जुड़ सकें।

राष्ट्रीय महासचिव कुमार पटेल की निगरानी में प्रत्येक राज्य में वहां के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के नेतृत्व में अभियान चलाया जा रहा है। इसमें राज्य महिला समन्वयक, राज्य युवा समन्वयक और अन्य पदाधिकारी भी सहयोग कर रहे हैं। इस व्यवस्था के माध्यम से संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।

महापरिषद के मुताबिक, उत्तराखंड में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अवधेश पंत सदस्यता अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं। राजस्थान में महावीर ढाका, पंजाब में गुरु इंदर पाल सिंह और उत्तर प्रदेश में मुकेश मर्चेंट संगठन विस्तार की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। बिहार में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विनोद कुमार चौधरी इस अभियान को गति दे रहे हैं।

महापरिषद का मानना है कि स्वतंत्रता सेनानी परिवारों को एकजुट करने से उनकी सामूहिक भागीदारी बढ़ेगी और राष्ट्रहित से जुड़े कार्यों को नई दिशा मिलेगी। संगठन का प्रयास देशभर में परिवारों के बीच समन्वय स्थापित कर एक मजबूत राष्ट्रीय मंच तैयार करना है।

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