जयपुर, 16 अक्टूबर। राजस्थान में राष्ट्रीय राजमार्ग-48 पर किशनगढ़ के नजदीक पाटन चौराहे के पास गुरुवार रात भीषण सड़क हादसा हो गया। जयपुर की ओर जा रही एक स्लीपर बस ने पीछे से बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में मां-बेटी समेत तीन लोगों की मौत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस बाइक को करीब 20 फीट तक घसीटते हुए ले गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
टक्कर इतनी भीषण कि मौके पर गई तीनों की जान
बांदरसिंदरी थानाधिकारी बन्नालाल जाट के अनुसार, दुर्घटना रात करीब 9 बजे हुई। बाइक पर हरमाड़ा निवासी भागचंद (38), फलौदा निवासी लाडा देवी (45) और उनकी बेटी हंसा (18) जयपुर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान पीछे से आई स्लीपर बस ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी।
टक्कर के बाद तीनों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। हादसा इतना गंभीर था कि बाइक चला रहे भागचंद का पैर कटकर अलग हो गया और तीनों के शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए।
अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
सूचना मिलने पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और राहत कार्य शुरू कराया। तीनों को राजकीय यज्ञनारायण अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शवों को अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया। दुर्घटनाग्रस्त बस को क्रेन की मदद से हटाकर थाने पहुंचाया गया। पुलिस के मुताबिक, मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पाटन चौराहे पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नाराजगी
हादसे के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। लोगों ने घटनास्थल पर विरोध जताते हुए पाटन चौराहे पर सड़क सुरक्षा के इंतजामों पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि इस क्षेत्र में लगातार हादसे हो रहे हैं, लेकिन दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
शुक्रवार सुबह विधायक और कांग्रेस के ग्रामीण जिलाध्यक्ष डॉ. विकास चौधरी भी अस्पताल की मोर्चरी के बाहर पहुंचे। उन्होंने पाटन इलाके में लगातार हो रही दुर्घटनाओं पर चिंता जताई और चौराहे पर पुलिया निर्माण की मांग दोहराई।
डॉ. चौधरी ने कहा कि पाटन चौराहे पर पुलिया बनाने की मांग कई बार उठाई जा चुकी है, लेकिन अब तक इस दिशा में प्रभावी प्रयास नहीं हुए हैं। हादसे के बाद एक बार फिर स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है।
