देहरादून, 16 अक्टूबर। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक तरीके से सत्ता हासिल करने में नाकाम रहने के बाद विपक्ष अराजकता के जरिए सत्ता परिवर्तन की कोशिश कर रहा है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि देश में सत्ता हासिल करने का रास्ता जनता के जनादेश से होकर गुजरता है, न कि अशांति और अराजकता से।
बांग्लादेश का जिक्र कर विपक्ष से पूछा सवाल
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट साझा कर विपक्ष की रणनीति पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि भारत में बांग्लादेश की तर्ज पर सत्ता परिवर्तन की बात करने वालों को आखिर जनता के जनादेश पर भरोसा क्यों नहीं है?
धामी ने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाना, देश में अशांति का माहौल बनाना और विकास कार्यों में बाधा डालना सत्ता हासिल करने का रास्ता नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि इस तरह की कोशिशों से सत्ता परिवर्तन के मंसूबे पूरे नहीं होंगे।
कांग्रेस के शासनकाल पर भी साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने अपने बयान में वर्ष 2014 के बाद देश में हुए विकास और प्रगति का उल्लेख करते हुए कांग्रेस के पूर्ववर्ती शासनकाल पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासन के दौरान देश ने भ्रष्टाचार और लूट का दौर देखा, जबकि वर्ष 2014 के बाद जनता ने विकास और प्रगति को महसूस किया है।
धामी ने कहा कि लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि होती है और सरकार चुनने का अधिकार मतदाताओं के पास है। ऐसे में राजनीतिक दलों को जनादेश का सम्मान करना चाहिए।
लोकतंत्र में जनादेश ही सत्ता का आधार
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश के जरिए विपक्ष को यह बताने की कोशिश की कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सत्ता हासिल करने के लिए जनता का विश्वास जीतना जरूरी है। उन्होंने अराजकता के जरिए सत्ता परिवर्तन की किसी भी कोशिश को सफल नहीं होने वाला बताया।
धामी के इस बयान से उत्तराखंड में सियासी माहौल गरमा सकता है। उनका यह हमला ऐसे समय सामने आया है, जब सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक मुद्दों को लेकर आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। मुख्यमंत्री के बयान ने एक बार फिर लोकतंत्र, जनादेश और विपक्ष की भूमिका को लेकर राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है।
