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धामी सरकार का बड़ा फैसला, कुंभ-2027 के लिए 61.42 करोड़ समेत विकास योजनाओं को मंजूरी

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और धार्मिक स्थलों के विकास से जुड़ी योजनाओं के लिए वित्तीय स्वीकृतियां प्रदान की हैं। इनमें हरिद्वार में कुंभ मेला-2027 की तैयारियों के लिए भारत सरकार के अवस्थापना अनुदान से प्रस्तावित 18 कार्यों के लिए 61.42 करोड़ रुपये की मंजूरी भी शामिल है। विभिन्न योजनाओं के लिए करीब 81 करोड़ रुपये की स्वीकृतियों से निर्माण कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है।

चम्पावत विधानसभा क्षेत्र के टनकपुर और बनबसा के ग्रामीण इलाकों में 10-10 किलोमीटर आंतरिक मार्गों के निर्माण के लिए 9.94 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। देहरादून के डोईवाला क्षेत्र में लालतप्पड़ से गोरखा बस्ती सागर सहित अन्य घरों तक दो किलोमीटर सड़क बनाने के लिए 1.37 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। पिथौरागढ़ के डीडीहाट क्षेत्र में भूमिधारा से कुमालगांव तक खड़ंजा और पुलिया निर्माण के लिए 74.24 लाख रुपये दिए जाएंगे। वहीं, मझेड़ा ग्राम पंचायत में विभिन्न गांवों को जोड़ने वाले संपर्क मार्ग के लिए 49.85 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है।

ऊधमसिंह नगर के जसपुर क्षेत्र में डाम स्थित प्राचीन मंदिर के सुदृढ़ीकरण के लिए 1.62 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। पिथौरागढ़ में गुरु गोरखनाथ मंदिर मेला स्थल के विकास के लिए 32.53 लाख रुपये मंजूर हुए हैं। अल्मोड़ा के सल्ट क्षेत्र में भौनादेवी मंदिर के सौंदर्यीकरण के लिए स्वीकृत 98.79 लाख रुपये की योजना में 50 लाख रुपये दिए जाएंगे।

पौड़ी जिले के कोटद्वार स्थित कण्वाश्रम में सम्राट भरत की प्रतिमा स्थापना और सौंदर्यीकरण के लिए शेष 31.90 लाख रुपये जारी करने का अनुमोदन दिया गया है। चम्पावत के लोहाघाट क्षेत्र में तीन मंदिरों के सौंदर्यीकरण के लिए 20-20 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं।

कोटद्वार की सनेह नगरीय पेयजल योजना के तहत नलकूप और उच्च जलाशय निर्माण के लिए 3.30 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। पिथौरागढ़ की ग्राम पंचायत तौक भौरा में सिंचाई गूल बनाने के लिए 44.13 लाख रुपये दिए जाएंगे। टिहरी के कीर्तिनगर में अधिकारियों और कर्मचारियों के आवासीय भवनों के निर्माण के लिए 1.21 करोड़ रुपये से अधिक की मंजूरी दी गई है, जिसमें पहली किस्त के रूप में 50 लाख रुपये शामिल हैं।

इन स्वीकृतियों से ग्रामीण संपर्क, पेयजल, सिंचाई और धार्मिक स्थलों के विकास के साथ कुंभ मेला-2027 की तैयारियों को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

 

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