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‘विकसित भारत’ तक नहीं रुकेंगे मोदी, बोले- कर्म ही मेरा धर्म

नई दिल्ली, 7 अक्टूबर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि विकसित भारत का निर्माण उनके जीवन का प्रमुख लक्ष्य है और जब तक देश विकसित नहीं हो जाता, तब तक वह न रुकेंगे, न थकेंगे और न अपने पथ से डिगेंगे। भाजपा की ओर से सार्वजनिक जीवन में सरकार के प्रमुख के रूप में उनके 25 वर्ष पूरे होने पर आयोजित ‘विकसित भारत संकल्प सभा’ में मोदी ने अपने संकल्प और अब तक की यात्रा साझा की।

मोदी ने कहा कि 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य देश के 140 करोड़ से अधिक लोगों के सामूहिक प्रयास से पूरा होगा। उन्होंने कहा कि आजादी हासिल करने के लिए देशवासियों ने अपना जीवन समर्पित किया था, अब विकसित भारत के निर्माण के लिए देश के लिए जीने का समय है। विकसित भारत के साथ आत्मनिर्भर भारत, दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में स्थान, गरीबी का उन्मूलन और वैश्विक नेतृत्व भारत के प्रमुख लक्ष्य हैं।

प्रधानमंत्री ने युवाओं को देश की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि उनकी ऊर्जा, प्रतिभा और सामर्थ्य विकसित भारत के निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि भारत को छोटे लक्ष्य नहीं, बल्कि असाधारण और अभूतपूर्व लक्ष्य तय कर आगे बढ़ना चाहिए।

अपने 25 वर्षों के राजनीतिक सफर का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि यह यात्रा जनता के निरंतर विश्वास और आशीर्वाद का परिणाम है। उन्होंने कहा कि इन वर्षों में मिला अनुभव और जनविश्वास केवल उनकी निजी पूंजी नहीं, बल्कि पूरे देश की पूंजी है। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल का आकलन इस आधार पर नहीं होना चाहिए कि वह खुद कहां पहुंचे, बल्कि इस बात से होना चाहिए कि देश कहां पहुंचा।

मोदी ने कहा कि देश के लिए निस्वार्थ कर्म उनके लिए साधना है। फल और श्रेय की चिंता किए बिना लगातार काम करना ही उनका संकल्प रहा है। उन्होंने कहा, “राष्ट्र प्रथम मेरा संकल्प होगा, राष्ट्र की समृद्धि मेरा प्राण रहेगा, राष्ट्र की सेवा मेरा लक्ष्य रहेगा और कर्म मेरा धर्म रहेगा।”

उन्होंने कहा कि भारत प्रतिभा, तकनीक, नवाचार, खेल, अंतरिक्ष और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में दुनिया का नेतृत्व करने की क्षमता रखता है। कार्यक्रम में भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी मोदी के 25 वर्षों के सेवा और समर्पण के लिए उनका अभिनंदन किया।

 

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