देहरादून। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में पात्र लोगों तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन ने सेवा संकल्प अभियान के तहत विशेष पहल शुरू की है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देश पर जिले में ऐसे बुजुर्गों की पहचान की जा रही है, जो पात्र होने के बावजूद वृद्धावस्था पेंशन का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। जुलाई से सितंबर 2026 तक अभियान के तहत 1611 पात्र बुजुर्गों को चिन्हित किया गया है। इन्हें नवंबर माह से पेंशन मिलने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
सितंबर में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान 708 पात्र वृद्धजनों की पहचान की गई। उनकी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। समाज कल्याण विभाग नवंबर के पहले सप्ताह में लाभार्थियों के बैंक खातों में पेंशन की राशि हस्तांतरित करेगा।
वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत 60 वर्ष से अधिक आयु के पात्र बुजुर्गों को 1500 रुपये प्रतिमाह दिए जाते हैं। यदि पति-पत्नी दोनों योजना के लिए पात्र हैं तो परिवार को कुल 3000 रुपये प्रतिमाह पेंशन मिल सकती है।
जिला प्रशासन ने नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत, तहसील, विकासखंड और ग्राम पंचायत स्तर पर अभियान चलाकर पात्र बुजुर्गों की जानकारी जुटाई। प्रशासन का उद्देश्य है कि जानकारी के अभाव, आर्थिक परेशानी या आवेदन प्रक्रिया की जटिलता के कारण कोई पात्र व्यक्ति सामाजिक सुरक्षा से वंचित न रहे।
डीएम डॉ. आशीष चौहान ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि क्षेत्र भ्रमण और सर्वे के दौरान पात्र बुजुर्गों की पहचान कर उन्हें पेंशन समेत अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि वृद्धावस्था में आर्थिक सुरक्षा किसी पर उपकार नहीं, बल्कि पात्र व्यक्ति का अधिकार है। उन्होंने अधिकारियों से आवेदन और दस्तावेजी प्रक्रिया में बुजुर्गों को आवश्यक सहयोग देने तथा किसी भी पात्र आवेदन को अनावश्यक रूप से लंबित न रखने को कहा।
प्रशासन ने ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायतों और शहरी क्षेत्रों में स्थानीय निकायों एवं तहसीलों के माध्यम से आवेदन प्रक्रिया आगे बढ़ाने पर जोर दिया है।
वृद्धावस्था पेंशन के लिए पात्र बुजुर्ग स्वयं या परिजनों की सहायता से नजदीकी सीएससी सेंटर के माध्यम से समाज कल्याण विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
